Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

ऋतुराज बसन्त

0
14 -Jan-2018 Suresh Chandra Sarwahara Basant Poem 0 Comments  797 Views
ऋतुराज बसन्त

आ गया धरती के सिंगार का मौसम। उतर गये पेड़ों से जर्जर सब पात, सिहराते दिवस गए ठिठुराती रात। बीत गया सपनों पर तुषार का मौसम। आ गया........। फूलों से लहक उठी पेड़ों की शाख, नाप गई नभ को भी चिड़िया की पाँख। खुशियों के क्षित

ऋतुराज

1
15 -Feb-2017 Suresh Chandra Sarwahara Basant Poem 0 Comments  2,006 Views
ऋतुराज

ऋतुराज _______________ आ गया धरती के सिंगार का मौसम..... उतर गए पेड़ों से, जर्जर सब पात सिहराते दिवस गए, ठिठुरन की रात। बीत गया सपनों पर, तुषार का मौसम। आ गया धरती के सिंगार का मौसम.... । फूलों से लहक उठी, पेड़ों की शाख नाप गई नभ को भ

देखो आया ऋतुराज वसंत

0
04 -Feb-2017 satya saroj Basant Poem 1 Comments  1,755 Views
देखो आया ऋतुराज वसंत

ऋतुराज वसंत चारो ओर हरियाली है, नए फूल नई डाली है, झूम रहा हर पत्ता-पत्ता, प्रकृति में खुशहाली है, पतझड़ का करके अंत, देखो आया ऋतुराज वसंत। प्रकृति का यौवन निखरे, खुशियों के अमृत बिखरे, रंग बिरंगे फूल खिले, जीवन को न

बसंत ऋतु आई , बसंत ऋतु आई

1
03 -Feb-2017 Ankita Singh Basant Poem 1 Comments  1,864 Views
बसंत ऋतु आई , बसंत ऋतु आई

कोयल की कूक , अमराई में बौर होने की खबर लाई , बसंत ऋतु आई , बसंत ऋतु आई । सरसों की ओढ़नी में, वसुंधरा लजाई, बसंत ऋतु आई , बसंत ऋतु आई । कुमकुम संग घुल के हल्दी , वीणा वादिनी के मस्तक हर्षायी, बसंत ऋतु आई, बसंत ऋतु आई ।।

Saraswati Maa Ki Kripa

0
01 -Feb-2017 Mamta Rani Basant Poem 1 Comments  2,804 Views
Saraswati Maa Ki Kripa

सरस्वती माँ की कृपा, बनी रहे सबपर। विद्या और बुद्धि का हो संचार, सरस्वती माँ की कृपा, बनी रहे बरकरार। माँ इसी तरह हर साल आना, अपने साथ ढेरों खुशियां लाना। सब के मन में सदबुद्धि लाना सब का मन निर्मल कर दो, है वीणावादि

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017