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Bachpan Ki Wo Basant Panchami

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26 -Jan-2015 Amit Agrawal 'Mit' Basant Poem 0 Comments  2,359 Views
Bachpan Ki Wo Basant Panchami

बहुत याद आती है बचपन की वो बसंत पंचमी....
वो भी क्या दिन थे,

सुबह सुबह उठकर ठंडे ठंडे पानी से नहाना....
फिर पीले केसरिया कपड़े पहनकर स्कूल जाना....
कापी पुस्तक के साथ नारियल अगरबत्ती ले जाना....
माँ सरस्वती की वंदना करना और फूल चढ़ाना....
पूजा मेँ हम सबका मन, कुछ इस कदर लग जाता था....
रोली गुलाल से माँ शारदा का चेहरा, पूरा रंग जाता था....
शोरगुल और धूम धड़ाके के बीच माँ की पूजा का मजा ही अलग था....
अब तो पता ही नहीँ चलता, बसंत पंचमी कब आकर चली जाती है....
बस आती है और बचपन की यादेँ ताजा कर जाती है....

https://www.facebook.com/amit.mit.9?fref=nf



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