Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

बेहतर

0
20 -Sep-2020 Madhu Motivational Poems 0 Comments  163 Views
Madhu

बेहतर

टूटने से तो बिखरना बेहतर,
बिखरने से तो सिमटना बेहतर।
ये लम्हों के मोती है जिंदगी के,
अपनत्व की डोर में पिरोना बेहतर।

माना आस- निराश के झूले में,
कभी ऊपर -नीचे हो जाते हैं।
आत्मबल की थाम के रस्सी,
गिरने से तो संभालना बेहतर।

बेहतर को बेहतर करने में,
बदतर की और ना मूड जाए।
हो दिशा -ज्ञान हो श्रम दिल से,
नेक राह पर चलना बेहतर।

ये समय का पहिया जीवन का,
तो यूं ही चलता जाएगा।
ठहरे पानी से जीवन से,
नित गतिशील बहाना बेहतर।

कुछ बेहतर करने की कोशिश में,
सांसों को खीचें जाते हैं।
अपने- अपनों के सपनों को ,
हम अक्सर सींचे जाते हैं।
कुछ ना करके थक जाने से,
कोशिश करके थकना बेहतर।।

- ममता भारद्वाज"मधु"



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017