Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

बेटी होती ना कभी पराई

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Beti Hoti Na Kabhi Parai : It is one of the best and touching poem dedicated to daughter who sacrifices a lot to serve her families. She also take care of her parents as a daughter even after becoming the daughter-in-law of her husband home. This hindi poem is suitable for reading in a girl wedding to remember the sacrifices and duties of a daughter.

20 -Oct-2017 Pragya Sankhala Daughter Poems 0 Comments  3,306 Views
Pragya Sankhala

बेटी होती ना कभी पराई १
चाहें वो ससुराल से आई १ १

आँखों में ले अश्रु धारा १
जब होती उसकी विदाई १ १

फिर भी बाबुल को वो १
अपने ह्रदय में ले आई १ १

चाहे मिले खुशियों की छाव १
फिर भी याद मायके की आयी १ १

जिस दिन से वो विदा होती १
फिर भी चिंता घर की होती १ १

वक्त चाहे हो जाये कितना १
वो रिश्ता तो है अनूठा १ १

गम ख़ुशी के हर पल में १
उनके बिना है अधूरा १ १

परिवार चाहे हो बड़ा प्यारा १
मायके बिना ना होता पूरा १ १

कसक दिल की बस ये उठ जाती १
फिर क्यों बेटी पराई कहलाती १ १



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