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Betiyan (बेटियाँ)

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23 -Nov-2021 Nainsi Jain Daughter Poems 0 Comments  510 Views
Nainsi Jain

पापा की आंखों का मान होती हैं,
मां की जिंदगी की, पहचान होती हैं,
भाई बहनों के लिए, खुशिंयों की दुकान होती हैं,
तभी तो कहते हैं, बेटियाँ तो घर की शान होती हैं।
कभी ये मुस्काती हुई, कली बन जाती हैं,
कभी ये शर्माती हुई, नदी की लहरों के समान होती हैं,
जब इरादा हो मन में, तो ये समंदर को भी चीर डालें,
इनके चुप रहने से, इनके धैर्य की पहचान होती है।
कभी ये जलते हुए दीपक की, रोशनी बन जाती हैं,
तो कभी ये अपने ही घर में, मेहमान होती हैं,
सबकी खुशियों में अपनी खुशी ढूँढ़कर, खुश रहने वाली ये बेटियाँ,
एक घर नहीं बल्कि दो घरों का, आत्मसम्मान होती हैं।



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