Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

वो बेवफ़ा......

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17 -Sep-2019 Piyush Raj Bewafai Poems 0 Comments  120 Views
वो बेवफ़ा......

ग़ज़ल हुस्न-ए-दीदार को अब हम तरसने लगे है अब वो मुझपर बेवजह बरसने लगे है लगता है मिल गया है कोई रकीब उनको दिल तोड़ कर मेरा अब वो हँसने लगे है गैर की बाहों में भी देख यकीन हुआ नही मेरे आंखों में तो प्यार वाले चश्मे लगे है

फुर्सत कभी मिले तो

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04 -Jul-2019 Mukesh Kamti Bewafai Poems 0 Comments  439 Views
फुर्सत कभी मिले तो

फुर्सत कभी मिले तो मेरा एक दर्द उठा लेना खेल कर उससे मन बहला लेना रोना मत कभी यदि हम ना रहे बस मेरे गम के साथ खेल-खेल हमेशा मुस्कुराते रहना ।।

पुराने एहसास

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02 -Apr-2019 vijay sethiya Bewafai Poems 1 Comments  490 Views
पुराने एहसास

दबे है मेरे जेहन में, कुछ पुराने एहसास कुछ उसके भी जेहन में। इश्क़ का नाम सुनते ही छपी होती है अक्सर उसकी आंखों में मेरी ही तस्वीर। काश इश्क़ में भी कोई कबाड़ी वाला होता, जो पुराने एहसासों की कीमत लोगों को समझा सकता।

चोट उसी से खाये बैठे हम

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07 -Nov-2018 Rakesh Dubey Bewafai Poems 0 Comments  741 Views
चोट उसी से खाये बैठे हम

चोट उसी से खाये बैठे हम दिल से जिसे लगाये बैठे हम ---------------------------------------- जो देखेगा हँसकर चल देगा अपने अश्क छुपाये बैठे हम ---------------------------------------- आह भरें तो रुसवा होगे तुम दिल का दर्द दबाये बैठे हम ---------------------------------------- तेरी उलझन सुलझा-

तेरी बेवफ़ाई की खुशबू तुम्हारे इशारे से अब आ ही गई है

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23 -Oct-2018 Vikas Kumar Giri Bewafai Poems 1 Comments  638 Views
तेरी बेवफ़ाई की खुशबू तुम्हारे इशारे से अब आ ही गई है

दिल की बस यही तमन्ना थी,अब लब पर आ ही गई है, होठ कुछ कहे या न कहे इशारे सब कुछ समझा ही गई है, तुमने कहा था की सिर्फ ये दोस्त है मेरातेरी-बेवफ़ाई-की- समंदर अब तो साहिल से टकरा ही गई है मैं वादे पे कायम हूँ, तुझे वादों पे काय

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