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Bharastachaar

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31 -Jan-2016 Deepak Gandhi Politics Poem 0 Comments  1,840 Views
Deepak Gandhi

रिश्वत नही ये सुबिधा शुल्क है
कुछ भी करू ये मेरा मुल्क है।
बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ी छुड़ाऊ
बिना हेलमेट सजा न पाऊ ।

मोटर सायकिल पे तीन बैठाऊ
लाल बत्ती को तोड़ के जाऊ।
वन वे पर भी रोंग में जाऊ
चलती गाडी फोन घुमाऊ।

गाड़ी साठ के पार भगाऊ
बस गांधी जी मुट्ठी दवाऊ।
पुलिस को अपना मित्र बनाऊ
ले शावासी घर को जाऊ।

करू पिटाई चाह डंडा मारू
चाह किसी का सिर मैं फारू।
चोरी करू चाह डाका डालू
लफड़े झगड़े रोज मैं पालू।

चाहे जितना बने वो चालू
सारी कमाई मैं ही खालू।
बस थोडा सा फोन घुमालू
आई वला को मिनट में टालू।



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