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भारत का किसान

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10 -Mar-2018 RAM PRAKASH BAIRAD KHERAJGARH JATI BHANDU Hard Work Poems 0 Comments  943 Views
RAM PRAKASH BAIRAD KHERAJGARH JATI BHANDU

ना सर्दी की, ना गर्मी की, ना बरसात की परवाह भारत का किसान करता हैं !
यह तो बस एक ही मेहनत की लगन पर हो सवार, खेतों में डटा रहता हैं !
बोता हैं बीज आशा कें, फसल उगनें से लहरानें तक लगा देता अपनी जान हैं !
देश की आन, बान, शान यह बूढ़ा जवान अन्नदाता भारत का किसान हैं !
यह भारत का अन्नदाता फसल उगनें से लहरानें तक, कई दु़ःख सहता हैं !
भारत का पेट भरना इसका ध्येय हैं, बदलें में नहीं चाहता अपनी महता हैं !
राजनीति से यह दूर हैं, फिर भी भारत की राजनीति का केन्द्र किसान हैं !
देश की आन, बान, शान यह बूढा जवान अन्नदाता भारत का किसान हैं !
आंखों में बरसात की आस लिए अपने खेतों को खून पसीने से सिंचता हैं !
आसमान की ओर झांकता हैं, फिर बरसात की आस लिए हल खिंचता हैं !
अकाल, अंधङ, ओलावृष्टि, फसल बर्बादी पर राजनीति की मार किसान सहता हैं !
देश की आन, बान, शान यह बूढा जवान अन्नदाता भारत का किसान हैं !
तपती धूप में, अंधेरी रात में, खेतों और फसलों की रखवाली यह करता हैं !
लाखों कष्ट भोग कर भी वह फल-सब्जी को बाजार तक पहुंचाता हैं !
घर का चूल्हा जले या ना जलें, परवाह किये बिना खाद बीज खरीदता किसान हैं
देश की आन, बान, शान यह बूढा जवान अन्नदाता भारत का किसान हैं !
आय कम मेंहनत ज्यादा, फिर भी वह सरकारी नीतियों को नहीं कोसता हैं !
कम ब्याज, ऋण मुक्ति, आय दुगुनी ऐसे नेंताओं के वादों की नहीं सोचता हैं !
बेरोजगारी, भूखमरी में किसानी छोङनें की सोचकर भी किसान का बेटा होता किसान हैं !
देश की आन, बान, शान यह बूढा जवान अन्नदाता भारत का किसान हैं !

भारत का किसान


Dedicated to
MANISHA BAIRAD

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