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मैं एक सीधी सी, भोली सी लड़की हूं

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09 -Mar-2022 Megha Raghuwanshi Holi Poems 0 Comments  202 Views
मैं एक सीधी सी, भोली सी लड़की हूं

मैं एक सीधी सी, भोली सी लड़की हूं
ये दुनियादारी मुझे समझ नहीं आ पाती
अगर व्यवहार अच्छा है मेरा, तो सबके साथ अच्छा रहेगा
किसी को कम, किसी को ज्यादा मान देने की बात मुझे समझ नहीं आ पाती
जो अगर साथ हैं कोई, तो पूरे मन से अपना मानूंगी
ये दिखावे या काम निकलवाने के लिए किसी को अपना मानना, ये बात मुझे समझ नहीं आ पाती
जो बात दिल में, वह बात जुबां पर आ ही जाती हैं
मन में बुरा बोलकर, किसी से सामने मीठे बोलने की अदाकारी मुझे समझ नहीं आ पाती
मैं जैसी भी हूं अच्छी-बुरी, बस वैसी ही हूं
यूं कुछ और दिखने की बात,मुझे समझ नहीं आ पाती
पर मैं खुश भी उतनी ही हूं ,अपनी इन आदतों और व्यवहार से
क्योंकि जो जैसा है, मुझसे वैसा ही रहता है
यूं दिल में कुछ और,जुबां पर कुछ और होने का हुनर, मुझ पर आजमाने की बात उन्हें समझ नहीं आ पाती। मेघा रघुवंशी



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