Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

भोपाल शहर

0
09 -May-2019 nil City Poems 0 Comments  481 Views
भोपाल शहर

ये शहर बड़ा नमकीन है !

सुबह शाम पतियों पर बैठे
पोहा जलेबी खाकर ऐंठे
इसका मिज़ाज रंगीन है ...

मिलजुल सब त्यौहार म्क्नाता
भेभाव को दूर भागता
गीता कुरान शौक़ीन है ...

शैल शिखर सब ताल -तलैया
हर मौसम का सुखद रवैया
रहता न कभी ग़मगीन है ...

खुश होते आकर सैलानी
"अभिषेक" शेख की खुश नानी
खुश रहने में तल्लीन है ...

भूला -भटका जो भी आया
रोजी-रोटी जी भर पाया
ऐसी उर्वरा ज़मीन है ...

विश्व धरोहर भीमबैठका
माथा चूमे नित साँची का
हर मस्जिद धरमधुरीन है...

पढ़ने लिखने में है आगे
जड़ ज़मीन से जोड़े धागे
[ मेरा भोपाल महान है]
सचमुच भोपाल हसीन है -



Dedicated to
सभी बालसहित्य्कारको

Dedication Summary
मन मोहक कविता

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017