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Bhrashtari Ki Banti Sarkar Yahan

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21 -Jan-2016 Vivek Chauhan Politics Poem 0 Comments  1,555 Views
Bhrashtari Ki Banti Sarkar Yahan

जाने कितना दूध बह गया मन्दिर और शिवालों में
भूखा भारत बिलख रहा महंगी होती दालों में

लूट पाट कर देश खा गए नेता बने गुरु घण्टाल
जैसे मै बडा हुआ महंगाई बढ़ी चन्द सालो में

चोरी इतनी होती देश में खाखी को कुछ पता नही
जैसे हवा ना लगती हो गंज खोपड़ी बालो में

शिक्षा खुद ही फेल हुयी व्यवस्था के इम्तिहानो से
भविष्य दिखा भारत का कबाड़ बीनता नालो में

दस रूपये में वोट बिकता कैसे आगे बढेगा देश
राजमहल के पाँव फंसे मकड़ी के इन जालो में

देश द्रोही भ्रस्टाचारी की बनती सरकार यहाँ पर
दिन रात घोपते छूरियाँ भारत माँ के छालों में

जिस्म कुरेदते नाबालिक मानवता तो बची नही
मारो चौराहे पर इन्हें भूस भरो इन खालो में



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