Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

गौरैया

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28 -Mar-2020 Suresh Chandra Sarwahara Birds Poem 0 Comments  520 Views
गौरैया

गौरैया ______ अन्धाधुन्ध विकास से, गौरैया हैरान। अपने पूर्ण विनाश का, लगा रही अनुमान।। * जंगल कट कर बन गए बहुमंजिल के फ्लैट। गौरैया के घोंसले, करते मटियामेट।। * दूषित जल विषमय हवा, नहीं अन्न तरु ठूँठ। जाना ही था एक दिन,

मेरे घर भी आओ बुलबुल

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25 -Feb-2020 Dr Amit Jain Birds Poem 1 Comments  628 Views
मेरे घर भी आओ बुलबुल

मेरे घर भी आओ बुलबुल, मुंडेरों पर चहचाओ बुलबुल, ख्वाबों का कोई घरौंदा, मेरे अंगना बनाओ बुलबुल, मेरे घर भी आओ बुलबुल, गाना कोई सुनाओ बुलबुल, ऐसे ना उड़ जाओ बुलबुल, हम अच्छे इंसान हैं बुलबुल, प्यार से दाना खिलाएंगे बुल

खग की आत्मानुभूति

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13 -Feb-2020 Ankita Singh ( Ankita Lucknowist ) Birds Poem 0 Comments  614 Views
खग की आत्मानुभूति

काट लिए सब वृक्ष मनुज ने, विपदा डाली मेरे सर, कैसे बनाऊ नीड़ मैं अपना, कैसे दूँ हौसलो को पर l काट लिये सब वृक्ष मनुज ने, बंद किये दीवार और दर , कहाँ जाऊँ चुगने नेह के मोती , कैसे मिटाऊँ भूख प्यास का डर l काट लिए सब वृक्ष म

गौरया

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07 -Feb-2020 Ankita Singh ( Ankita Lucknowist ) Birds Poem 0 Comments  687 Views
गौरया

मेरे आंगन की मुडेड पर, चहचहाना तुम गौरया ! मेरे घरौंदे में अपना , आशियाना बनाना तुम गौरया ! नेह के कुछ दाने , चुग जाना तुम गौरया ! गौरया दिवस पर , मेरे उपवन भी आना तुम गौरया !! ©अंकिता सिंह लखनऊ उत्तर प्रदेश Contact - anks26.as@gmail.com

पंछी की आवाज

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19 -Nov-2019 MANOJ POOSAM Birds Poem 0 Comments  1,379 Views
पंछी की आवाज

`` पंछी की आवाज `` 1. में हूँ ,एक छोटी सी चिड़िया उड़ना और दाना चुनना मेरी यही पहचान इसलिए कहती हूँ ,कि ए! मानव न करो पेड़ों का ह्रास क्योकि इन्ही पेड़ो पे है मेरा वास्।। 2. में हूँ एक छोटी सी चिड़िया कहती हूँ ,कि पेड़ है देते है ज

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