Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पंछी की आवाज

0
19 -Nov-2019 MANOJ POOSAM Birds Poem 0 Comments  140 Views
पंछी की आवाज

`` पंछी की आवाज `` 1. में हूँ ,एक छोटी सी चिड़िया उड़ना और दाना चुनना मेरी यही पहचान इसलिए कहती हूँ ,कि ए! मानव न करो पेड़ों का ह्रास क्योकि इन्ही पेड़ो पे है मेरा वास्।। 2. में हूँ एक छोटी सी चिड़िया कहती हूँ ,कि पेड़ है देते है ज

रंगों का लिबाज

0
17 -Nov-2019 MANOJ POOSAM Birds Poem 0 Comments  91 Views
रंगों का लिबाज

गजब है इस दुनिया में चिड़ियों का संसार अदभुद है, इन चिड़ियों का लिबाज | मोर है लियें कई रंगों का साथ लिबाज कोयल करता कूह-कूह की गुंजन गान| कौवा करता है, करकस है आवाज फिर भी अदभुद है, इन चिड़ियों का संसार | मैना करें मध

Geet Suhaane Gati Chidiya

0
24 -Aug-2019 Ramavadh Ram Birds Poem 0 Comments  423 Views
Geet Suhaane Gati Chidiya

Door - door se tinka-tinka. chun chunkar lati chidiya. kar ke kathin parishram, sundar need banati chidiya. Aandhi toofanon ke aate, need mein chhip jati chidiya. apne ko surakshit paakar, khoob anand manaati chidiya. Subah-subah sabse pahale, neend se jag jati chidiya. ud-udkar dali-dali. geet suhaane gaati chidiya. Ujiyara hone par baahar, dana chugane jaati chidiya, pure din dana chugati, shaam ko ghar aati chidiya.

मोर

0
24 -Jun-2018 nil Birds Poem 0 Comments  421 Views
मोर

C देखो C तन मन होय विभोर लेता पंख समेट अगर मचाया शोर जब जब नाचे मोर मौन धरे तब शोर घन घमंड में चूर छाय घटा घन घोर राष्ट्र पखेरू मोर सिर पर है सिरमौर मनमोहक हैं पंख कहलाते चितचोर [रेलपथ उज्जैन शुजालपुर :२६.०८.०८]

नन्ही चिड़िया

0
21 -May-2018 Suresh Chandra Sarwahara Birds Poem 0 Comments  2,127 Views
नन्ही चिड़िया

सुबह सवेरे बोल रही है चिड़िया प्यारी प्यारी, छोटी है पर बड़ी देर तक रखे बोलना जारी। नहीं थकन होती है इसको इसमें कितनी ऊर्जा, चंचलता से भरा हुआ है इसका पुर्जा पुर्जा। दिन भर उड़ती इधर-उधर यह चाहे भूखी प्यासी, किन्त

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017