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Taad Vriksh Par Kauaa Aaya

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09 -Nov-2014 Dr. Parshuram Shukla Birds Poem 0 Comments  4,496 Views
Dr. Parshuram Shukla

ताड़ वृक्ष पर कौआ आया।
ताड़ी पी कर वह बौराया।

बच्चों, सुन लो एक कहानी।
मुझे सुनाती मेरी नानी।
इसमें भोले भाले कौए,
ने अपना सब होश गँवाया।
ताड़ी ................

कौआ एक शहर से आया।
ताड़ वृक्ष ने उसे लुभाया।
ऊँचाई पर देख मटकिया,
अपने को वह रोक न पाया।
ताड़ी ................

चोंच मटकिया में फिर डाली।
पूरी मटकी कर दी खाली।
कुछ पल में ही लगा झूमने,
जैसे होली का दिन आया।
ताड़ी ................

ताड़ वृक्ष पर कौआ आया।
ताड़ी पीकर वह बौराया।



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