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बिटिया की विदाई

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07 -Mar-2017 Anju Goyal Wedding Poems 2 Comments  8,154 Views
Anju Goyal

हर  बेटी  के  पिता  के  लिए 
होता  है  एक  क्षण  बहुत  खास
जब   अपनी   बिटिया  की 
विदाई  का करता है  आभास 

जिस  बेटी  का  रखा  था 
बहुत लाड प्यार  से  ध्यान 
आज  उसे  रखना  पड़ेगा 
ससुराल  में  सबका  ध्यान  ।

कैसे  मेरी  बिटिया  रानी 
गुड़िया  से सयानी हो गई 
कभी एहसास ही नहीं  हुआ
मेरे  आँगन  की खिलती कली
आज   बाबुल  का घर छोड़ 
अपने  ससुराल  चली ।
बिटिया  आज  मेरी 
पराई   हो  गई  ।

आंखें  मेरी आंसुओ  से  नम है 
पर  बिटिया  क्या  करूँ  
यही संसार  का  नियम है  
बिटिया  विदाई  की  बेला आ गई 
तुम्हारे  जाने  की घड़ी  आ गई  ।

जाते जाते  पिता की  एक सीख 
रखना   हमेशा अपने   साथ 
सास ससुर  को देना सम्मान 
रखना  पिता  के  संस्कारों का  मान 
उन्हें  देना  माता पिता  का स्थान ।

पतिदेव  की  दिल से  सेवा  करना 
परछाई   बनकर  हमेशा  रहना
दुःख सुख में   साथ  निभाना
भूल  से भी  कभी  दिल  ना दुखाना ।

ननद  देवर को प्यार  देना
ससुराल  में  सबको खुश  रखना
अपनी  हँसी   से  खुशियाँ फैलाना
यही है  बेटी   एक  पिता का  ज्ञान  ।



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2 More responses

  • poemocean logo
    Saurabh agrawal (Guest)
    Commented on 15-March-2017

    Great poem nice....

  • poemocean logo
    Pragyesh goyal (Guest)
    Commented on 07-March-2017

    very nice poem.

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