Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पत्थर सा मजबूत था मैं जाने क्यों रेत सा बिख़र गया

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29 -Mar-2022 Er. M. Kumar Break Up Poems 0 Comments  36 Views
पत्थर सा मजबूत था मैं जाने क्यों रेत सा बिख़र गया

ये एक अधूरी है मोहब्बत की कहानी सुनो आज ये मेरी जुबानी मेरा भी पहला प्यार अधूरा रह गया पत्थर सा मजबूत था मैं जाने क्यों रेत सा बिख़र गया बेकसूर था अपनी इश्क में मैं भी निर्मल थी उसकी भी मोहब्बत शायद जाने फिर क्यों व

तुम्हें तो तजुर्बा है।

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15 -Mar-2022 ताज मोहम्मद Break Up Poems 0 Comments  41 Views
तुम्हें तो तजुर्बा है।

तुम्हें तो तजुर्बा है इश्क में जीने का। तुम समझ सकते हों हाल ए दीवाने का।।1।। तुम्हारे पास आए हैं मलहम लेने को। हमें नुस्खा बताओ दिल को हंसाने का।।2।। तुम इश्के गमें होश में कैसे जी रहे हों। हम भूलते ना रास्ता मयख

आओ रो लें

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07 -Mar-2022 Ananya Rai PARASHAR Break Up Poems 0 Comments  73 Views
आओ रो लें

हम भी तनहा तुम भी तनहा आओ रो लें इससे अच्छा और क्या होगा आओ रो लें दुनिया वाले हंसते हैं ग़म के मारो पे बन जाए फिर कोई तमाशा आओ रो लें दिल पे कितना ज़ुल्म हुआ है हम क्या बोलें ईश्क ओ वफा का ज़ख़्म है गहरा आओ रो लें एक

रंग उतर ही गया

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16 -Feb-2022 Alam Raaz Break Up Poems 0 Comments  94 Views
रंग उतर ही गया

हम उसके लिए जमाने से लड़ने वाले थे। उसके और भी बहुत चाहने वाले थे।। तमाम रात नहाया था शहर बारिश मे, वो रंग उतर ही गए जो उतरने वाले थे।

Love' Poems

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29 -Jan-2022 Vivek Bharti Break Up Poems 0 Comments  54 Views
Love' Poems

तेरी यादें सनम बहुत आने लगी है.. दानिस्ता मेरे दिल को बहुत तड़पाने लगी है... याद करूं मैं जब जब तुझको इन सर्द रातों में.. चुपके चुपके मेरी आंखें पानी पानी होने लगी है... बातें तेरी बचपने सी वो अठखेलिया मस्ती दिल में बह

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