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Agar Tum Gaye

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07 -Sep-2015 अमर Break Up Poems 0 Comments  1,206 Views
अमर

"अगर तुम गये"

मान जाओ न रूठों यूं हमसे सनम,
टुट जाउंगा मैं जो अगर तुम गये,
छोड़ जाओगे कैसे मुहब्बत मेरी,
मेरा दिल है वहीं पर जहां तुम गये,

रोज ख्वाबों में मुझको जगाना तेरा,
प्यार न था तो क्या था बताओ मुझे,
प्यार का जो नशा तुमनें मुझको दिया,
जी मैं पाउंगा कैसे अगर तुम गये,

तुमको मालूम नहीं तो बता दूं सनम,
हाथ छूटे से रिश्ते नहीं टूटते,
कितनी शिद्दत से चाहा है तुमको सनम,
जग हंसेगा वफा पर अगर तुम गये,

वो वफ़ा,वो समर्पण, ईबादत मेरी,
तेरी नज़रों में इनकी क्या किमत नहीं,
क्या कहोगे जो पूछेगा तुमसे जहां,
बिन निभाये ये रिश्ता अगर तुम गये।।



Dedicated to
someone special

Dedication Summary
मेरे मन के वरक पर उसने ये नज्म लिखा था....

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