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Break-up Shayari

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11 -Apr-2020 G D Yadav Break Up Poems 0 Comments  414 Views
G D Yadav

भूलना नहीं है उन्हें तो
अभी मुझसे बेवफ़ाई का कर्ज चुकाना है
थुकरा दिया उन्होंने
मेरे शहर का अंधेरा देखकर तो क्या हुआ
अभी तो मुझे उनसे
आंखों से छलके आंसुओं का हिसाब पाना है

होठों पे आते हैं लफ्ज़ तेरे लिए
तो उसे शायर में बदल देता हूं
नफ़रत के दौर में भी जो कभी
प्यार उमड़ जाता है
तो मैं अपना बदकिस्मत समझ लेता हूं
कभी जानबूझकर
तेरे सामने से गुजरते थे मगर
अब जब तुम सामने दिखती हो
तो मैं अपना रास्ता मोड़ लेता हूं
तुमने सही सोचा था
कि मैं तुम्हारे लायक नहीं,शायद
मैं अब इसी दर्द के वजह से
बदनामियों भी सह लेता हूं

बदनाम करके यूं खुश हो तुम खुद एक दिन बदनाम हो जाओगे।
खुद को आसमान समझने वाले ख़ुदग़र्ज़ तुम इतना गिर जाओगे
की जम्मिं तुझे आसमान और इंसान में तुझे खुदा नजर आएंगे।

शुक्र है खुदा का जिसने तेरी हकीक़त बताया
बदनाम किया जरूर मगर जीना सिखलाया

आजकल तुम बदली बदली सी नज़र आने लगी हो
लगता है कोई और मिल गया है शायद
इसीलिए तुम मुझसे नज़रें चुराने लगी हो

तुमसे नज़रें मिलाना क्या छुपकर देखना भी छोड़ दूंगा
तुझे छूकर आयी हवाओं का रुख भी मोड़ दूंगा
जिस शीशे में दिखेगा तेरा अख़्श उसे तोड़ दूंगा
जिस गलियों से गुजरी हो तुम
उस गलियों में जाना छोड़ दूंगा, मगर....
नहीं है तुम्हे मुझसे मोहब्बत बस एक बार कह दो
फिर कभी नहीं दिखलाऊंगा तुझे मैं अपना चेहरा
अगर जरूरत पड़ी तो जमाना भी छोड़ दूंगा

हर सवाल का जवाब खुद खुदा ने दिया था मुझे
तुम्ही बेवफा बन जयोगी शायद एक यही पता न था उसे

बेखबर हो तुम शायद तुझे
मालूम नहीं कैसा गुनाह किया है
नजरों से नजरअंदाज करके
खंजर से वार किया है
तुझसे मिलने के बाद
कई अरमान जगे थे दिल में
तेरी ये दूरियां मेरे हरेक
सपनो से खिलवाड़ किया है

कमबख्त क्या भुलेगा, आपने ही भुला दिया!
दिल का क्या कसूर था, जिसे आपने रुला दिया!!

कांटे हैं राह में तेरी
मगर याद जाते नहीं हैं
गले लगाना चाहा मौत को
तुझसे बिछड़ कर
पर साला मौत में भी
तुझ सा शकुन वाली
बाते नहीं है



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