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Brothers and sisters

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03 -May-2016 Dr. Swati Gupta Family Poems 0 Comments  1,004 Views
Dr. Swati Gupta

Brothers and sisters:"Separated by distance..joined by Love."

एक ही शाखा के फूल हैं हम,
अंतर बस इतना ही है,
तुम इस पेड़ के अंकुर हो भइया,
मैं एक तोड़ा हुआ पौधा हूँ,
तुम्हे इस बगिया को महकाना है,
और मुझे पिया के घर को सजाना है।
एक ही कोख से जन्मे है,
अंतर बस इतना ही है,
तुम्हे इस वंश को आगे बढ़ाना है,
और मुझे इस घर को छोड़कर जाना है।
एक ही घौसले के पक्षी हैं हम,
अंतर बस इतना ही है।
तुम्हे इस घरोंदे को मजबूत बनाना है,
कुछ पल का बसेरा है यहाँ पर,
मुझे फिर यहाँ से उड़ जाना है।
एक ही मातपिता की संतान हैं हम,
अंतर बस इतना ही है,
तुम्हे उनके नाम को आगे बढ़ाना है,
और मुझे उनका उपनाम भी हटाना है।
तुम इस घर के बेटे हो,
किसी और की बेटी को अपनी जीवन संगिनी बनाना है और इस परिवार का मान बढ़ाना है।
मुझे अपने पिया के घर जाना है,
अपने जीवन साथी का हर सुख दुःख में साथ निभाना है और उसके सम्मान को आगे बढ़ाना है।
By:Dr Swati Gupta



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