Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

चाह कर भी उसे ब्लॉक न कर सका.....(नज़्म)

0
12 -Jul-2020 Piyush Raj Love Poem 0 Comments  274 Views
Piyush Raj

चाह कर भी उसे ब्लॉक न कर सका
बस इसी ख्याल में की
इक दिन आएगा उसका मैसेज

हर रोज चेक करता हूँ व्हाट्सएप्प
की कहीं उसका मेसेज तो नही
एक उम्मीद लगी रहती है कि वो स्टेटस लगाएगी मेरे लिए ...
पर नही
दिल ऒर व्हाट्सएप
दोनों में ब्लॉक हूँ

कभी फेसबुक चेक करता हूँ
कहीं मेरी कोई पोस्ट पर उसका लाइक हो
पर नही वहां भी ब्लॉक हूँ
ये डिजिटल नाराजगी
आखिर कब तक...

मैं क्यों नहीं कर पाता हूँ उसको ब्लॉक
जवाब मेरे पास भी नही
या यूं कहें उसे खोना नहीं चाहता

एक पल सोचता हूँ
सब कुछ भूल कर आगे बढ़ जाऊं
पर दिल फिर जाके वहीं रुक जाता है
फ़ेसबुक के सर्च में बस उसका ही नाम आता है

दूसरी id से देखता हूँ
उसकी dp को
पर लाइक नहीं करता
शायद इस डर से कि उसे शक न हो जाए
और मैं फिर से ब्लॉक.....

मन को कितना समझाता हूँ फिर भी
उंगलियों ढूंढ ही लेती है
उसका नाम
करती है मेसेज करने को मजबूर
कुछ लिख कर मिटा देता हूँ हर बार....

गलती तो मेरी थी नहीं
पर ये गलतफहमी
न जाने हमें किस मोड़ पर ले आयी

क्या करें
सहना पड़ता है
आखिर हम लड़के जो है ...

© पियुष राज

P100/13-07-2020



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017