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छोड़ कर तुम हमें, यूं ना जाया करो (CHHOD KAR TUM HAMEIN YUN NA JAYA KARO))

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11 -Mar-2020 Dr. DINESH KUMAR KOLI Love Poem 0 Comments  265 Views
Dr. DINESH KUMAR KOLI

छोड़ कर तुम हमें, यूं ना जाया करो
वक्त हमसे अकेले में, कटता नहीं
कोई हमसे गिला हो, तो कह दो अभी
बिन तुम्हारे ये दिल अब, धड़कता नहीं
छोड़ कर तुम हमें, यूं ना जाया करो
वक्त हमसे अकेले में, कटता नहीं

तुम जो रूठोगे, तो हम कहां जाएंगे
उम्र सारी तेरे, नाम कर जाएंगे
आँसुओं का दरद, तुमने दे तो दिया-2
दिल तुम्हारा क्या बिल्कुल, तरसता नहीं
छोड़ कर तुम मुझे...

पास आओ निगाहों से, कुछ काम लो
हाथ में हाथ दे दो और दिल थाम लो
अब भुला दो वो लम्हे, रहे ही नहीं-2
इश्क में क्या कोई भी, भटकता नहीं
छोड़ कर तुम मुझे...

दो कदम में चला, दो कदम तुम चलो
प्यार है जिंदगी, संग बहा ले चलो
जाने किस मोड़ पर हम, बिखर जाएंगे-2
अब संभालो हमें, दिल संभलता नहीं

छोड़ कर तुम हमें, यूं ना जाया करो
वक्त हमसे अकेले में, कटता नहीं
कोई हमसे गिला हो, तो कह दो अभी
बिन तुम्हारे ये दिल अब, धड़कता नहीं
वक्त हमसे अकेले में, कटता नहीं।

डॉ. दिनेश कुमार कोली
प्रोफेसर (यॉंत्रिकी विभाग)
एस आई आर टी, भोपाल (मध्य प्रदेश)
Email: dkoli157@gmail.com
Mobile: 9425679837

छोड़ कर तुम हमें, यूं ना जाया करो (CHHOD KAR TUM HAMEIN YUN NA JAYA KARO))


Dedicated to
My wife

Dedication Summary
It inspires to bridge a gap in love relations

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