Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अटपटी गुदी

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10 -May-2022 nil Childhood Poems 0 Comments  78 Views
अटपटी गुदी

अटपटी :गुदगुदी डा.जयजयराम आनंद शिक्षक पढ़ा रहा भूगोल बच्चो दुनिया होती गोल "सर" हम खेलेगें फ़ुटबाल पढ़ने लिखने की हड़ताल "सर" के पीछे लगा बबाल "सर" ने करबा दी हड़ताल हुए निरुत्तर सुने सवाल "सर" को जमकर हुआ मलाल [भोपाल:१०.०५

आज फिर से लग रहा है मुझे

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22 -Mar-2022 Megha Raghuwanshi Childhood Poems 0 Comments  270 Views
आज फिर से लग रहा है मुझे

आज फिर से लग रहा है मुझे मैं तो बिलकुल भी नहीं बदली मैं तो अभी भी वही हूं, जैसी पहली थी मेरा भ्रम था कि मैं पूरी तरह से बदल गई हूं दुनिया की तरह मेरा भी आधुनिकता में चलना दिल से रिश्ते ना रखकर, सिर्फ मतलब के लिए मैं ऐस

वो मेरा बचपन

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01 -Jan-2022 barish Childhood Poems 0 Comments  111 Views
वो मेरा बचपन

मुझे अपनी गोद में फिर से सुला दे माँ, अपनी बाहों के झूले में फिर से झुला दे माँ, बनना चाहती हूँ मैं तेरे बाग़ की वही नन्ही सी कली, फिर से अपनी बगिया में मुझको खिला दे माँ, खेलना चाहती हूँ मैं फिर से भैया के साथ, मुझे फिर

सब कुछ याद है मुझे।

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03 -Dec-2021 ताज मोहम्मद Childhood Poems 0 Comments  124 Views
सब कुछ याद है मुझे।

एक दिन एकान्त में बैठा था मैं कुछ चिंतन में, सब कुछ शांत था पर मन मेरा कुछ अशांत था। अचानक स्मृति बचपन की याद आयी मेरे ओठों पर यूँ ही इक मुश्कान छाई वो बेफिक्री का होना दिन भर मित्रों संग घूमना। सब कुछ मूझे याद है, क

अच्छा नहीं लगता

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08 -Jul-2021 शिवाजी Childhood Poems 0 Comments  434 Views
अच्छा नहीं लगता

अब तुम्हारे साथ वक्त बिताना अच्छा नहीं लगता,तुम्हें प्यार से गले लगाना अब अच्छा नहीं लगता, सुना हूं आ गया है कोई रकीब तुम्हारी जिंदगी में,मुझे उससे छिपकर तुमसे मिलना अच्छा नहीं लगता, हाल-ए-दिल बयां करना तुम्हारे

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