Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अच्छा नहीं लगता

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08 -Jul-2021 अभिषेक श्रीवास्तव "शिवाजी" Childhood Poems 0 Comments  200 Views
अच्छा नहीं लगता

अब तुम्हारे साथ वक्त बिताना अच्छा नहीं लगता,तुम्हें प्यार से गले लगाना अब अच्छा नहीं लगता, सुना हूं आ गया है कोई रकीब तुम्हारी जिंदगी में,मुझे उससे छिपकर तुमसे मिलना अच्छा नहीं लगता, हाल-ए-दिल बयां करना तुम्हारे

बचपन के दिन

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22 -Jun-2021 राजेश्वरी पंत जोशी Childhood Poems 0 Comments  302 Views
बचपन के दिन

बचपन के वो दिन बचपन के वो दिन कितने अच्छे थे. बेफ्रिकी के वो दिन कितने अच्छे थे. ना था कोई डर ,ना खतरे थे. कितने खुश थे, जब हम बच्चे थे. इतने भारी भी कब, हमारे बस्ते थे, लड्डू भी तब, कितने सस्ते थे. नानी के किस्से, भी कितने

आंहरा बचपन

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19 -Jun-2021 Vikash Dhiman Childhood Poems 0 Comments  362 Views
आंहरा बचपन

आज कविता ले चली मुझे उस पल वहां,  फेसबुक व्हाट्सएप ना था जहां।  मुंह पर करते सभी बातें,  रिप्लाई का इंतजार ,  यहां होता कहां ? १) कद छोटा, पर बातें बड़ी किया करते थे।  बिना ईंटों का महल, हम हवा में बनाया करते थे। वैट, कंच

बचपन के खेल

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17 -Jun-2021 Alok Pandey Childhood Poems 0 Comments  401 Views
बचपन के खेल

बचपन के खेल हमें खूब भाता था, गिल्ली-डंडा या हो छुपम-छुपाई सब बच्चों को इसमें मजा आता था। कभी खेलतें चोर सिपाही, कभी खेलते कांचा गोली। हर दिन अपनी मौज रहती, खूब खेलते आँख-मिचौली। रस्सी-कस्सी पिट्ठू गरम, खेलते साथ ह

हाथों हाथ किताब

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16 -Jun-2021 nil Childhood Poems 0 Comments  341 Views
हाथों हाथ किताब

हाथों हाथ किताब घर घर सबके हाथ किताब दादी जागी/बिल्ली भागी गरम गरम टी/दादा माॅगी पीकर थामी हाथ किताब चाची चाचा/मम्मी पापा मुन्नी मुन्ना /पढ़ना भाया सोहे सबके हाथ किताब सबका पढ़ना/अपना अपना हमने सीखा/जग ने सीखा सब

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