Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

लोरी / Lullaby

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21 -Jul-2018 nil Childhood Poems 0 Comments  349 Views
लोरी / Lullaby

लोरी अगडम बगडम बगडम अगडम दुनिया दौड़े लईयां पईयाँ/तुम भी दौड़ो पैयाँ पैयाँ समझो लैपटॉप मोबाइल /जहाँ जरूरत करलो डायल खूब भिड़ाना इकदिम तिकदिम गहरी निदिया तगदम जकदम/ रात तरैया ताल तरैया अंखियाँ भूली राग तरुन्नम/पलक

मरता हुआ बचपन

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06 -Jun-2018 Suresh Chandra Sarwahara Childhood Poems 0 Comments  541 Views
मरता हुआ बचपन

बोतल जल की बस्ता भारी ढोना बच्चों की लाचारी, होमवर्क तो करना ही है फिर ट्यूशन की भी तैयारी। खेलकूद से दूर हुआ मन, बच्चों का मरता है बचपन। मम्मी कहती कहीं न जाना जल्दी जल्दी खाओ खाना, बाहर के बच्चों से घुलमिल अब ना त

खुला निमंत्रण

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05 -Jun-2018 Jaijairam Anand Childhood Poems 0 Comments  292 Views
खुला निमंत्रण

डाँ. आनंद का गीत खिड़की से जब बाहर झाँकों दिल दिमांग की खिड़की खोलो झूम रहे तरुवर tतो निरखो हवा झुलाती झूला परखो खुशियाँ लूट रहे जी भरके तुम भी उनमें शामिल हो लो .... कहीं कहीं मैदान उघारे कहीं बस्तियाँ पाँव पसारे खुला

जादू की झप्पी

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08 -May-2018 Indumukho Childhood Poems 0 Comments  529 Views
जादू की झप्पी

बहुत पड़ी थी डांट शरारत खूब जो की थी खींचे गए थे कान शिकायत सबने की थी रोना धोना किया खूब और थोड़ी अकड़ दिखाई अम्मा ने भी नहीं मनाने की जैसे ज़िद कर ली थी दीदी, भाभी, चाची, चाचा सबने खूब मनाया पर हमने भी गुस्से की हद कर पा

बचपन के दिन कितने प्यारे... BACHAPAN KE DIN KITANE PYAARE

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27 -Apr-2018 satya saroj Childhood Poems 0 Comments  462 Views
बचपन के दिन कितने प्यारे... BACHAPAN KE DIN KITANE PYAARE

बचपन के दिन *************** माँ की आँखों का तारा, थे पापा के राजदुलारे, बचपन के दिन कितने प्यारे, आज बने हैं सपने सारे. छोटी छोटी आँखें अपनी, पर सपने थे बड़े बड़े, छोटे छोटे खेल खिलौने, लगते थे सबसे प्यारे, गम नहीं कोई दुनिया का, थ

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