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चूम लिया उस खत तो हमनें जिस पे तुम्हारा नाम लिखा

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08 -Mar-2017 Samiksha Singh Love Poem 1 Comments  672 Views
Samiksha Singh

आँखों में आँसू भर आये दिल का जब पैगाम लिखा
चूम लिया उस खत तो हमनें जिस पे तुम्हारा नाम लिखा

चाह रहे थे रूप रति का सबसे सुन्दर दिखने को
ढूँढ रहे थे अक्षर अक्षर प्रेम कहानी लिखने को
खुद को राधा लिख बैठे जब तुमको राधेश्याम लिखा
चूम लिया उस खत तो हमनें जिस पे तुम्हारा नाम लिखा

जनम जनम से प्रियतम हमनें केवल तुमको प्यार किया
चरणों की रज छू ली हमनें जब तुमनें स्वीकार किया
तुमको इश्वर सम पूजा और पूज्य को ही निज धाम लिखा
चूम लिया उस खत तो हमनें जिस पे तुम्हारा नाम लिखा

दोष दिखे जब हमको अपने, हमने अश्रु बहाये भी
तुमको जब भी दुःख पहुँचाया तब हम खुद पछताए भी
खुद को सीता लिख ना पाये लेकिन तुमको राम लिखा
चूम लिया उस खत तो हमनें जिस पे तुम्हारा नाम लिखा

पूज रहे थे पत्थर पत्थर नेह समर्पित करने को
चाह रहे थे तुमको प्रियतम जीवन अर्पित करने को
तुमको ही तो प्रभु माना और तुमको चारो धाम लिखा
चूम लिया उस खत तो हमनें जिस पे तुम्हारा नाम लिखा

मान प्रतिष्ठा त्याग तपस्या सब कुछ तुमपर वारी है
तुम हो तो मेरी बाहों में प्रियतम दुनियाँ सारी है
जीवन को प्रिय बिना तुम्हारे हमनें मात्र विराम लिखा
चूम लिया उस खत तो हमनें जिस पे तुम्हारा नाम लिखा

समीक्षा सिंह जादौन



Dedicated to
Abhivrat Akshansh

Dedication Summary
https://www.youtube.com/watch?v=yPCUsJk5qQc

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1 More responses

  • poemocean logo
    Satyam singh (Guest)
    Commented on 10-March-2017

    bhut sundar likha hai aapne.

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