Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

चुनाव का खेल

1
03 -Aug-2020 © विक्रम Social Issues Poems 1 Comments  576 Views
© विक्रम

ये जो बीमार सी लग रही , सरकार है क्या
छूकर इसे देखो बुखार है क्या,
चुनाव आ रहे उसी का खुमार है क्या
अरे छोड़ो! इन नेताओ का यही व्यापार है क्या।

चुनाव है तो अब लंबी लंबी रैलियां भी होंगी
बड़ी बड़ी बातें और अठखेलियां भी होंगी,
कोई दल बदलेगा तो कोई विचार लाएगा
और फिर कोई बोलेगा की रोजगार लाएगा।

शुरू हो जाएगी वोटों की खीचा - तानी
कोई जाति से तो कोई योजनाओं से सबको लुभाएगा,
कहीं होगी नोटों के वजनी पैकटों की मार
कहीं कोई झुग्गी बस्तियों में रिश्तेदार बनाएगा।

चुनाव होंगे जीतेगा कोई एक ही
विपक्षी तीखे सवालों के वार लाएगा,
पर उस भोली जनता को समझाए कौन अजय
कि बहस के बाद वो भी साथ बैठ कर खाएगा।

ये सब एक थाली के चट्टे बट्टे है
अब कौन है को सुधार लाएगा
ये व्यापार यूंही चलता जाएगा।
©विक्रम

चुनाव का खेल


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

1 More responses

  • poemocean logo
    Sarita Omer (Registered Member)
    Commented on 07-August-2020

    Nice.

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017