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कोराना आज और कल

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07 -Jun-2021 nil Social Issues Poems 0 Comments  164 Views
कोराना आज  और कल

सात: कोराना आज और कल

बुरे दौर में उजले सपनें पालें
काला मुंह करके भागे कोराना

एक लहर के बाद दूसरी आई
कहीं- कहीं पर तिसरी - चौथी आई१
भारत में दुसरी तो सितम ढा रही
आंधी तूफ़ान बवंडर बन आई
महाप्रलय तांडव रचता कोराना

तंत्र समूचा फिर से हक्क्का -बकका
शीश पकड़कर रोते काकी-कक्का
तालाबंदी की फिर नौवत आई
जमा लिया भारत में कोविद सिक्का
महात्रासदी वेश धरा कोराना

अस्पताल श्मशानों में टोकन खुटते २
लूटमार चोरी में टीके लुटते
जहां - तहां लाशों का बिछा बिछौना
प्राणवायु टीका बिन रोगी मरते
सुरसा -सा मुंह बाए कोराना

पूरब के दो देशों से हम सीखें
हरे भरे खुशहाल तभी हम दीखें
उजले सपनें कोरोना को खटकें
सूझ बूझ साहस से उसको पीटें
खरदूषण की चालेे भूले कोराना





सामाजिक अनुबंध दरकना रोकें
मिलजुल हम सब साथ संक्रमण रोकें
टीका दूरी मास्क -नियम अपनाएं
सब साधन स्वास्थ्य सुरक्षा को सौपें
काला मुंह करके भागे कोराना
[भोपाल[: २१ .०४.२०२१]
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१.दूसरी लहर अप्रिल२०२१ से शुरू हुई और १७.०४.२२०२१ तक १० देशों में
[ब्राजील ,तुर्की ,फ्रांस ,अर्जेंटीना .ईरान ,कोलंबिया ,जर्मनी ,इटली पेरूऔर पोलैंड] :पहले दूसरे सबसे अधिक प्रभ्गावित ;२.भारत की भी बुरी दुर्दशा .



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सभी काव्य प्रेमियों को

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