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करोना की या नेता की चाल।

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19 -Apr-2021 Harpreet Ambalvee Social Issues Poems 0 Comments  256 Views
करोना की या नेता की चाल।

करोना तेरी चाल मतवाली हैं,
मगर जिधर भी तु जाता,
पड़ती तुझे सिर्फ गाली है,
भाग जाता हैं वहा से,
बजाते प्रधान सेवक और भक्त जहां थाली हैं,
करोना तेरी चाल मतवाली हैं ,

मैं जानता हूं कि तुझे बस बदनाम किया है,
प्रधान सेवक ने तेरा नाम ले कर,
पैसा, देश की सम्पत्तियों को किनके नाम किया है,
कैसे सारी सरकारी कम्पनियां क्यो बेच डाली है,
करोना तेरी चाल मतवाली हैं ,

पहले लॉकडाउन में ही,
तेरे नाम का ऐसा शोर मचाया,
गरीबी,बेरोजगारी,परेशानिया बढ़ाकर,
किसानों पर जबरदस्ती का बिल पास करवाया,
लॉकडाउन में लोगों को अंदर बंद करके,
खुद प्रधान सेवक ने बहुत बड़ा काम किया है,
सब सरकारी कंपनियों को घाटे में दिखाकर,
निजी कंपनियों का आह्वान किया है,
ना होगें अब सरकारी विभाग,
ना कोई सरकारी नौकरी मांगने आएगा,
जो होगा बेरोजगार वह अब पकोड़े तलेगा,
और नाले की गैस से चाय पिला आएगा,
इतना कुछ होने पर भी,
कहा करोना बेचारे को इन्होंने छोड़ा है,
लॉकडाउन अपनी मर्जी से लगाकर,
करोना बेचारे की बदनामी कर डाली है,
करोना तेरी चाल मतवाली हैं,

यह करोना कैसा हैं,
समझ नही आता हैं,
प्रधान सेवक जिस जिस
चुनाव क्षेत्र, मेले में जाते हैं,
वहा ये नही आता हैं,
लेकिन गलियों, स्कूल, शादियों और शहरो में,
नेताओ के एक इशारे पर, बिना देरी पहुंच जाता हैं,
ना जाने करोना का प्रधान सेवक से क्या करार हुआ है,
या प्रधान सेवक का करोना से गुप्त प्यार हुआ हैं,
दोनों बस एक दूसरे की ही बात सुनते हैं,
अब देश में और क्या-क्या बेचने को रह गया है,
लॉकडाउन लगाकर ताना-बाना बुनते हैं,
गोदी मीडियां वाले इसमें,
बहुत बड़ी भूमिका निभाते है,
इनका उद्देश्य सिर्फ झूठ और जुमलों को लोगों तक पहुंचाना,
सच दिखाने में ये कतराते है,
सोशल मीडिया की सच्चाई पर, प्रधान सेवक के रोज चर्चा होती हैं,
उस सच्चाई को झूठ बताने की खातिर,
गोदी मीडिया की जेबे गर्म होती हैं,
व्यवसाय,नौकरियां सब ठप हो गया है,
6 सालों में हर इंसान इस प्रधान सेवक से त्रस्त हो गया है,
नेता नीचता बेशर्मी बेहयाई से ग्रस्त हो गया है,
एक भी नेता करोना से नहीं मरा हैं,
करोना के पास इनके लिए समय नही खाली हैं,
करोना तेरी चाल मतवाली हैं ,

सच तो यह है अम्बालवी के,
करोना भारत में उस कुपित रूप मे नही आया है,
करोना का चेहरा बिगाड़ने वाले, नीच नेता ने इसे ऐसा बनाया है,

अब तो बस 'करोना' से विनती है,
सब देशवासियों पर इतना उपकार करो,
अगर तुम हो, तो हो जाओ सब नीच नेताओं को,
इस देश का थोड़ा बेड़ापार करो।

करोना की या नेता की चाल।


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