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कोरोना वायरस- घर से बाहर ना जाओ तो (CORONA VIRUS- GHAR SE BAAHA NA JAO TAU)

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कोरोना वायरस- घर से बाहर ना जाओ / CORONA VIRUS- GHAR SE BAAHAR NA JAO TAU This Hindi poem on corona virus (COVID-19) describe the importance of locked down and social distance in preventing the spreading of corona virus.

23 -Mar-2020 Dr. DINESH KUMAR KOLI Social Issues Poems 0 Comments  1,297 Views
Dr. DINESH KUMAR KOLI

घर से बाहर ना जाओ तो

एक कोरोना, एक-एक का रोना
मुश्किल कर दिया, सबका सोना
पर फिर भी तुम, इससे डरो ना
रगड़-रगड़ साबुन से है धोना
अगर रहोगे सावधानी से,
इसको भी पड़ जाएगा रोना

यह इंसानों का दुश्मन है,
वार जो छिपकर करता है,
घर से बाहर ना जाओ तो,
घर आने से डरता है।

पार्टियों में ये शक्तिमान है,
सैकड़ों तीर चलाता है,
फिर अपनी सेना को ये,
उन सबके घर पहुंचाता है,
रहो एकांत में, घर की शांति में,
इसको भारी पड़ता है,
घर से बाहर ना जाओ तो,
घर आने से डरता है।

हम सबने संकल्प लिया है,
जंग में इसे हराना है,
राष्ट्र के हित में हम सबको,
तन, मन से वचन निभाना है,
इसे मिटाकर ही दम लेंगे,
देखें, कितना लड़ता है?
घर से बाहर ना जाओ तो,
घर आने से डरता है।

विश्व में कितना, कहर मचाया
चीन से चला, भारत तक आया
जिसने इसको, अकड़ दिखाई
उसको इसने, सबक सिखाया
अब इंडिया में पैर पसारा,
हम पर निर्भर करता है,
घर से बाहर ना जाओ तो,
घर आने से डरता है।

डा. दिनेश कुमार कोली
प्राध्यापक (यांत्रिकी विभाग)
एस आई आर टी (SAGE GROUP)
भोपाल, मध्य प्रदेश
Email: dkoli157@gmail.com

कोरोना वायरस- घर से बाहर ना जाओ तो (CORONA VIRUS- GHAR SE BAAHA NA JAO TAU)


Dedicated to
All of the Indians

Dedication Summary
Request to all of the Indians to be safe from the effect of Corona Virus and not to leave their home until very necessary, till the Corona completely eliminated from our country

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