Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

राष्ट्रीय दिवस

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27 -Nov-2018 Abbas Bohari Culture Poems 0 Comments  137 Views
राष्ट्रीय दिवस

एक चौथाई सदी गुज़र रही रहते इस देश रंगा घर परिवार अपनाकर यहिका भेस देखे बदलते चरण संयुक्त अरब अमीरात बना था लेकर साथ सात मज़बूत इमारात अपार आत्मविश्वास से हुआ सृजन निराला अनेक धर्मो संस्कृतियों की अनोखी माला सर्

दुनिया को स्वर्ग बनाएंगे

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20 -Oct-2018 Naren Kaushik Culture Poems 0 Comments  152 Views
दुनिया को स्वर्ग बनाएंगे

तकनीक ए गजानन लाएंगे, दुनिया को स्वर्ग बनाएंगे। ना बाढ़ रहेंगी ना सूखा होगा वो तकनीक अपनाएंगे।२ नभ मंडल में सारे बादल लेकर डोले शीतल जल, नदियों का पावन जल भी बहता है कल कल-कल अपनी सीमा जब ये तोड़े कर देता है प्रलय

क्या देश है मेरा

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27 -Sep-2018 Naren Kaushik Culture Poems 0 Comments  126 Views
क्या देश है मेरा

मिट रही है सभ्यता और भूल रहे हैं संस्कृति अतिथि देवो भव:गुंजता था जहां गली गली वो देश है मेरा। चार वेद अठारह पुराण और ना जाने कितनी है संहिता रामायण महाभारत से महाग्रंथ है जहां वो देश है मेरा। बट रहा है देश देखो सा

Andaj boli ka / अंदाज बोली का

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15 -Sep-2018 shalu L. Culture Poems 0 Comments  250 Views
Andaj boli ka / अंदाज बोली का

अंदाज बोली का हर वेश में देश की, एक कहानी है बोली की कहा सुनी कहाँ लिखी, ये बात राज है बोली की, समजे उसे जो जाने इसे, पुरखो से नाता है बोली का सुर ताल के संगम से,मिलकर बने संगीत बोली का रचे धर्म भाषा में तो, बने शब्दों स

हम पहाडी

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26 -Feb-2018 rebel Culture Poems 0 Comments  229 Views
हम पहाडी

क्या कहूं तुम्हें, भोले भले पहाडिए ? जैसा कि सब कहते हैं. या जून की गरमी में भी दोहडू पहनने वाले, खशिये! या हजारों भेडों को हांकते,गद्दी! जैसा कि सब कहते हैं. कहते हैं,मगर नहीं जानते तुम्हें, तुम हो पहाडों की जान. तुम ह

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