Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कइसन बदल गईल बा अब ई जमाना रे..........

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06 -May-2019 Piyush Raj Culture Poems 1 Comments  226 Views
कइसन बदल गईल बा अब ई जमाना रे..........

"बदल गईल बा अब ई जमाना रे...." भोरे-भोरे सुग्गा के आवाज़ नइखे आवअता अंगना में चिड़िया अब नइखे चहचहावता अब नइखे पहले जइसन दिन उ सुहाना रे कइसन बदल गईल बा अब ई जमाना रे दुआरे पे खाट नइखे बाबूजी डॉट नइखे खुल गईल मॉल जबसे पह

हाँ, मैं बिहार हूँ...

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22 -Mar-2019 Deepak Culture Poems 0 Comments  197 Views
हाँ, मैं बिहार हूँ...

हाँ, मैं बिहार हूँ, गर्वित हूँ, सुसज्जित हूँ, सृजित हूँ, धर्मपरायण हूँ, वीर हूँ, सुदृढ़ हूँ, ईश्वर नें मेरी बेहतरीन रचना कि है, हाँ, मैं बिहार हूँ... लहरों सा गतिमान, हिमालय सा खड़ा, अपनी संस्कृति और सभ्यता से परिलक्षित, स

राष्ट्रीय दिवस

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27 -Nov-2018 Abbas Bohari Culture Poems 0 Comments  203 Views
राष्ट्रीय दिवस

एक चौथाई सदी गुज़र रही रहते इस देश रंगा घर परिवार अपनाकर यहिका भेस देखे बदलते चरण संयुक्त अरब अमीरात बना था लेकर साथ सात मज़बूत इमारात अपार आत्मविश्वास से हुआ सृजन निराला अनेक धर्मो संस्कृतियों की अनोखी माला सर्

दुनिया को स्वर्ग बनाएंगे

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20 -Oct-2018 Naren Kaushik Culture Poems 0 Comments  224 Views
दुनिया को स्वर्ग बनाएंगे

तकनीक ए गजानन लाएंगे, दुनिया को स्वर्ग बनाएंगे। ना बाढ़ रहेंगी ना सूखा होगा वो तकनीक अपनाएंगे।२ नभ मंडल में सारे बादल लेकर डोले शीतल जल, नदियों का पावन जल भी बहता है कल कल-कल अपनी सीमा जब ये तोड़े कर देता है प्रलय

क्या देश है मेरा

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27 -Sep-2018 Naren Kaushik Culture Poems 0 Comments  189 Views
क्या देश है मेरा

मिट रही है सभ्यता और भूल रहे हैं संस्कृति अतिथि देवो भव:गुंजता था जहां गली गली वो देश है मेरा। चार वेद अठारह पुराण और ना जाने कितनी है संहिता रामायण महाभारत से महाग्रंथ है जहां वो देश है मेरा। बट रहा है देश देखो सा

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