Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

तेरी माया सब तै ऊपर

0
02 -Mar-2022 DeepJangra Culture Poems 0 Comments  79 Views
तेरी माया सब तै ऊपर

*************तेरी माया सब तै ऊपर************** तनै के के रंग दख्याऐ मालिक मनै देख लिया जग सारा हो तेरी माया पाई सब तै ऊपर अर तू सब सृश्टि तै न्यारा हो सडकां पै देखे जीव बिलखते दर्जा कहण नै मां का सै दुःख ना बाण्डया गया किसे पै घा देख

खोई संस्कृति

0
21 -Feb-2022 Ravi Culture Poems 0 Comments  232 Views
खोई संस्कृति

कहाॅं खो गई हमारी संस्कृति, जिसमें भरी हुई थी सभ्य-सभ्यता। जहाॅं न थी पैसों की भुख, न होती थी अकेले की सुख। जहाॅं कद्र होती थी सर्वोपरि, अनुशासन परिवार की थी मुख्य कड़ी। माता-पिता की सेवा ही, संतानों की थी सबसे बड़

परिवर्तन हो के रहेगा ! समाज

0
24 -Jan-2022 rtripathi Culture Poems 0 Comments  322 Views
परिवर्तन हो के रहेगा ! समाज

सब ने मुझे पतित बतलाया है जीवन पथ पर झूठ लाया है पर दृढी वीर में बढ़ता हूं संकल्प सिद्धि को लड़ता हूं।। समाज मुझे मेरा परिचय देगा मेरे ज्ञान को वह अज्ञान का दर्जा देगा है कल्प !अगार उसमें तो समझा दे मुझको वह बना है

नयका साल मुबारक

0
25 -Dec-2021 Dhirendra Panchal Culture Poems 0 Comments  331 Views
नयका साल मुबारक

बीत गयल जे बीते वाला साल तोहें मुबारक । फिर से आयल नयका चुड़ा भात तोहें मुबारक । फिर से आई खिचड़ी मंटर गोभी संग छउँकाई । नयका फगुआ सरसो संगे माहो लेहले आई । तीसी मसुड़ी दुन्नो संगवे फिर से ली अंगड़ाई । गेंहू के भी लागे

वो

0
23 -Oct-2021 Aqs Aqdas Culture Poems 0 Comments  232 Views
वो

अनंत है , अंतहीन वो जीवित , मृत में लीन वो।। अणु , परम अणु में वो हवा में है विलीन वो ।। है अर्श वो , ज़मीन वो विधान का विधीन वो।। अगन में वो , तपन में वो तमस में वो , है धीर वो।। है तुझमें वो , है मुझमें वो न पत्थरों के भीत व

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017