Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

फटे-पुराने कपड़े

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20 -Jul-2021 nil Culture Poems 0 Comments  104 Views
फटे-पुराने कपड़े

फटे-पुराने कपडे सिलती थी कुरतियाॅ पिता के घुटन्ने फटे पुराने कपड़ों से अम्मा!जज पहिनकर दोनों पीटते थे ढिढोरा अपनत्व के घनत्व का अवकाश त्योहारों पर मेरे कदमों की दस्तक से मांगती थी उत्तर तपाक से अम्मा लाए हो फटे

अनुपम कृति-मैथिली भाषा

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24 -Jun-2021 श्रीहर्ष आचार्य Culture Poems 0 Comments  220 Views
अनुपम कृति-मैथिली भाषा

माटि चानर रतन फैलबैतय उजियारा श्यामल-2 गंगा कमला अनुपम धारा माय आखि हर्षित नोर जल माटि के लाल अनुपम कृति सोन जडित देवभूमि विख्याता राजा जनक जननी जानकी माता पावन पवित्र धरती माता जग-2 जानत अनुपम कृति ऐसन नगर ऐसन न

मिथिलादेश

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24 -Jun-2021 श्रीहर्ष आचार्य Culture Poems 0 Comments  158 Views
मिथिलादेश

जनक नंदिनी जानकी माता मैं हूं तेरा लाल एक बार में लगता है ऐसा सौ बार जन्म हो माता देवल्लायत इस धरती आया मै माता मीठी बोली सब सचे कहाँ में पता माता भारतवर्ष की इस भूमि पर तरसता है आनेवाला किस-2 पथ पर जाऊ असमंजस मे हूं

जीवन में संघर्ष

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12 -May-2021 Krishna Sharma Culture Poems 0 Comments  221 Views
जीवन में संघर्ष

लेखक:- कृष्णा शर्मा स्वरचित ना होना कभी निराश प्रिय कल फिर से नया सवेरा होगा चिड़िया चहकेगी पेड़ों पर फिर से यहां बसेरा होगा बहती हवाओं से तुम पूछो या पूछो कीट पतंगों से कितना मुश्किल जीवन होता जीवन होता संघर्षो

मुकम्मल सा हिसाब है

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21 -Mar-2021 Keshav Culture Poems 0 Comments  459 Views
मुकम्मल सा हिसाब है

मुकम्मल सा हिसाब है मुकम्मल सा हिसाब है इस कदर। कोई नाम बेचता है बरे इतमीनान से। कोई काम बेचता है बरे इंतजाम से। कोई तो खरा बाजार में अहले शाम से। ये अलग बात है मतलबी है शहर-शहर। मैं आ रहा हूं, शौक से तू तो जरा ठहर।।

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