Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

परिवर्तन हो के रहेगा ! समाज

0
24 -Jan-2022 rtripathi Culture Poems 0 Comments  54 Views
परिवर्तन हो के रहेगा ! समाज

सब ने मुझे पतित बतलाया है जीवन पथ पर झूठ लाया है पर दृढी वीर में बढ़ता हूं संकल्प सिद्धि को लड़ता हूं।। समाज मुझे मेरा परिचय देगा मेरे ज्ञान को वह अज्ञान का दर्जा देगा है कल्प !अगार उसमें तो समझा दे मुझको वह बना है

नयका साल मुबारक

0
25 -Dec-2021 Dhirendra Panchal Culture Poems 0 Comments  98 Views
नयका साल मुबारक

बीत गयल जे बीते वाला साल तोहें मुबारक । फिर से आयल नयका चुड़ा भात तोहें मुबारक । फिर से आई खिचड़ी मंटर गोभी संग छउँकाई । नयका फगुआ सरसो संगे माहो लेहले आई । तीसी मसुड़ी दुन्नो संगवे फिर से ली अंगड़ाई । गेंहू के भी लागे

वो

0
23 -Oct-2021 Aqs Aqdas Culture Poems 0 Comments  106 Views
वो

अनंत है , अंतहीन वो जीवित , मृत में लीन वो।। अणु , परम अणु में वो हवा में है विलीन वो ।। है अर्श वो , ज़मीन वो विधान का विधीन वो।। अगन में वो , तपन में वो तमस में वो , है धीर वो।। है तुझमें वो , है मुझमें वो न पत्थरों के भीत व

फटे-पुराने कपड़े

0
20 -Jul-2021 nil Culture Poems 0 Comments  165 Views
फटे-पुराने कपड़े

फटे-पुराने कपडे सिलती थी कुरतियाॅ पिता के घुटन्ने फटे पुराने कपड़ों से अम्मा!जज पहिनकर दोनों पीटते थे ढिढोरा अपनत्व के घनत्व का अवकाश त्योहारों पर मेरे कदमों की दस्तक से मांगती थी उत्तर तपाक से अम्मा लाए हो फटे

अनुपम कृति-मैथिली भाषा

0
24 -Jun-2021 श्रीहर्ष आचार्य Culture Poems 0 Comments  277 Views
अनुपम कृति-मैथिली भाषा

माटि चानर रतन फैलबैतय उजियारा श्यामल-2 गंगा कमला अनुपम धारा माय आखि हर्षित नोर जल माटि के लाल अनुपम कृति सोन जडित देवभूमि विख्याता राजा जनक जननी जानकी माता पावन पवित्र धरती माता जग-2 जानत अनुपम कृति ऐसन नगर ऐसन न

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017