Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

एक खरगोश

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10 -Jan-2020 anupam chaubey Daughter Poems 0 Comments  87 Views
एक खरगोश

खरगोश मैं चाहता हूं कि चला जाऊं एक ऐसी जगह जहां लोग न हों न हो कोई चिंता न कोई बंधन कर सकूं जहां सिर्फ चिन्तन|२ जहां हों दरख़्त विशाल प्राचीन जिनके तने को बाहों में भरकर जान सकूं अतीत उनका और कह सकूं अपनी व्यथा जहा

अमृत कलश

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16 -Nov-2019 MANOJ POOSAM Daughter Poems 0 Comments  96 Views
अमृत कलश

मां तूने जनम देकर मुझें सीवेज टैंक में कयो फेंक है, आई मां तूने मुझें सीने से नही लगाई, और न ही अमृत जैसा दूध है नही पिलाई | धनय है ,वे मातायें जिनहोनें मुझें असपताल है पहुचाई मां तूने जनम देकर मुझें सीवेज टैंक में क

बेटी बचाओ।

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07 -Oct-2019 Anil Mishra Prahari Daughter Poems 1 Comments  308 Views
बेटी बचाओ।

जन्म मुझे चाहे जितना दे मगर कभी बेटी में ना दे। मिली हमें न माँ की ममता दहशत में लघु जीवन पलता, दुनिया में आने से पहले जतन कत्ल का होने लगता। माँ के आँचल की है चाहत पापा के कदमों की आहट, खेलूँ आँगन में अपनों संग मधुर-

Betiya samrpan ki ek shakha

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21 -Apr-2019 Pragya Saini Daughter Poems 0 Comments  341 Views
Betiya samrpan ki ek shakha

Betiya samrpan ki ek shakha Yu hi banati jati hai Choti si podhe se jab Shakha wo ban jati hai Tandi tandi chaav se apne Ghar ko wo bhar deti hai Pyar aur apnatav se phir wo Bagiya khushiyo ki bikhrati hai Phoolo se lekar Patho tak Sab ka dhyan yu rakhti hai Toote Agar koi unme se Sahara wo de jati hai Aasha ki nayi Kiran se Naya sanchaar lati hai Saare upwan ki shobha Bas ek usse ban jati hai

बिछड़न

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03 -Feb-2019 Divya Raj kumar Daughter Poems 0 Comments  623 Views
बिछड़न

बाबा तेरी रंगीन महफिल एक दिन सूनी हो जायेगी लाँघ तेरी दहलीज़ को जब तेरी लाडली विदा ले जाएगी पलकों में कुछ ख्वाब संजोए नया आशियां बसाएगी कर आँखें नम सबकी तेरी लाडली विदा ले जाएगी तब अफसोस से क्या होगा जब वो दर्द से

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