Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

तू कब बड़ी हो गई पता ही नहीं चला

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17 -May-2021 Meenu Lodha Daughter Poems 0 Comments  172 Views
तू कब बड़ी हो गई पता ही नहीं चला

अंगुली पकड़ कर चलाते चलाते जब तूने अंगुली छोड़ी और चलना सीखा ख़ुश तो मैं बहुत थी , पर तु बड़ी हो गई ये पता ही नहीं चला स्कूल ले जाते जाते ,तूने अपने आप कोलेज जाना शुरू किया , ख़ुश तो मैं बहुत थी पर तु बड़ी हो गई पता ही न

#%बस इतना हमें कहना है%#

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20 -Feb-2021 Bijendra Aehsas Daughter Poems 0 Comments  332 Views
#%बस इतना हमें कहना है%#

#बस इतना हमें कहना हैं# ----------------------------------------------- फूलों सी कोमल हो तुम कलियों से हो तुम नदान, रहो जमीं पर उडो़ ना और देखो ना असमान। आवारे मदंमे है भंवरे,सब भंवरों से बच कर रहना है। पापा की इन परियों से, बस इतना हमेंं कहना है।

बालिका :- समाज का आईना

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24 -Jan-2021 N.K.M.[ LYRICIST ] Daughter Poems 0 Comments  455 Views
बालिका :- समाज का आईना

बालिका है समाज का आईना , किसी को देता यह दिखाई ना , अपशकुन मत समझो इसका होना , फेंको मत समझकर इसको खिलौना, देखो ये कन्या की बात है, इनको पालना पुण्य की बात है, रब की भेजी ये सौगात है , इनके कारण बनती बारात है , पुत्र हुआ त

बेटी पर दोहे (बालिका दिवस पर )

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24 -Jan-2021 Dr Sushil sharma Daughter Poems 0 Comments  319 Views
बेटी पर दोहे (बालिका दिवस पर )

बेटी पर दोहे (बालिका दिवस पर ) डॉ सुशील शर्मा सरिता बेटी एक सी ,निर्मल शीतल नेह। सरिता कुंजों में बहे ,बेटी बाबुल गेह। बड़े भाग बेटी मिले ,गर्व करें सब बाप। बेटी पाते ही धुलें ,जन्म जन्म के पाप। चिड़ियाँ जैसी बेटियाँ ,

बेटी सभ्यता की लंबी इतिहास है** ..

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16 -Jan-2021 Parmanand kumar Daughter Poems 0 Comments  461 Views
बेटी सभ्यता की लंबी इतिहास है** ..

शीर्षक....** बेटी सभ्यता की लंबी इतिहास है** .......................... बेटी बेटी है तो जान है, माँ बाप की शान है! घर की मर्यादा, और आँगन की मुस्कान है! बेटी है तो जान है, उससे ही सारा जहाँ है! नैहर तो नैहर, ससुराल की भी संभालने वाली,एक सम्म

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