Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

एक गुहार

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09 -Feb-2020 Bhagyashree Patidar Daughter Poems 0 Comments  130 Views
एक गुहार

काहे मेरे सपनों पर तु थोपे अपनी मर्जी बापू चाँद की इच्छा राखु में काहे फूलो से मुझे तू समझाए बापू उड़ने दे मुझे आसमान तक बेड़िया न बाँध मेरे पैरों में चाहती हु करना मुक्कमल अपने सपनो को एक मौका डाल के देख मेरी झोली म

निर्भया

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31 -Jan-2020 ROB!N Daughter Poems 0 Comments  186 Views
निर्भया

मैंने वक़्त को बेवक़्त रोते देखा है, यहाँ मैंने खुद को बिकते हुए देखा है। मैंने देखा है बिकता हुआ कानून, पैसों के नशे में कानून को झूमते हुए देखा है। मैंने यहाँ सत्य को मारते हुए देखा है। मैंने देखा है,बेटियों के हस्

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

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24 -Jan-2020 Mamta Rani Daughter Poems 0 Comments  272 Views
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ घर घर ये अलख जगाओ करो ना बेटे और बेटियों में भेदभाव दोनो को दो अच्छे शिक्षा और संस्कार बेटी को भी पालो बेटों के जैसे तभी बनके फूल महकेगी घर आंगन मे बेटियों को भी है हक अच्छे जीवन और शिक्षा की पत

एक खरगोश

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10 -Jan-2020 anupam chaubey Daughter Poems 0 Comments  146 Views
एक खरगोश

खरगोश मैं चाहता हूं कि चला जाऊं एक ऐसी जगह जहां लोग न हों न हो कोई चिंता न कोई बंधन कर सकूं जहां सिर्फ चिन्तन|२ जहां हों दरख़्त विशाल प्राचीन जिनके तने को बाहों में भरकर जान सकूं अतीत उनका और कह सकूं अपनी व्यथा जहा

अमृत कलश

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16 -Nov-2019 MANOJ POOSAM Daughter Poems 0 Comments  142 Views
अमृत कलश

मां तूने जनम देकर मुझें सीवेज टैंक में कयो फेंक है, आई मां तूने मुझें सीने से नही लगाई, और न ही अमृत जैसा दूध है नही पिलाई | धनय है ,वे मातायें जिनहोनें मुझें असपताल है पहुचाई मां तूने जनम देकर मुझें सीवेज टैंक में क

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