देश बर्बाद नहीं होता

23 -Nov-2017 Abhishek Arya Miscellaneous Poems 0 Comments  81 Views
देश बर्बाद नहीं होता

मान लो गाँधी नहीं होता तो देश आज़ाद नहीं होता ,
कागज के पन्नो पे इलाहाबाद नहीं होता ,
मंज़ूर था गुजरना जिंदगी जेल की सलाखों में ,
सच तो ये है की गाँधी नहीं होता तो देश बर्बाद नहीं होता ,||
©️ अभिषेक आर्य

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