Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

देश के युवा

0
29 -Aug-2018 Anand kumar (Manish) Youngster Poems 1 Comments  1,034 Views
Anand kumar (Manish)

हमारे देश के युवा,
इनको क्या हुआ,
क्यों समझने लगे वो,
जिंदगी को जुआ।

कौन उन्हें समझाए,
कि जिंदगी जुआ नहीं,
पाना चाहते हो जो तुम,
वह पाने का वक्त अभी हुआ नहीं।

अपने लक्ष्य पाने के लिए,
तुम जिद पर अड़े रहो,
सच्चाई और नेकी की राह पे,
तुम यूं डटे रहो।

हमारे देश के युवा,
इनको क्या हुआ,
क्यों खोजने लगे वो रब को,
राम रहीम जैसे कसाई में।

क्यों डूबते चले गए वो,
अंधविश्वास की गहराई में,
क्यों वो आपस में लड़ रहें,
हिंदू मुस्लिम के इस लड़ाई में।

हिंदू मुस्लिम सब एक हैं,
कौन इन्हें समझाएगा,
गांधी नेहरू के सपनों के भारत को,
कौन साकार बनाएगा।


©️ आनंद कुमार(मनीष)
N-02
Written date-18/08/18
दुमका झारखंड (814101)
Email id- anandkumar814151@gmail.com

देश के युवा


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

1 More responses

  • poemocean logo
    Nandan (Guest)
    Commented on 29-August-2018

    Nice think.

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017