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Dhoop Behan Tum Aao

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29 -Jan-2016 Dr. Pradeep Shukla Winter Season Poem 0 Comments  1,798 Views
Dr. Pradeep Shukla

जाते जाते सर्दी बोली
धूप बहन तुम आओ
हमको जमकर कोस रहे जो
उनको मजा चखाओ

पहले तो हमको बोला था
आओ आओ आओ
अब समवेत स्वरों में कहते
जाओ जाओ जाओ

अभी कह रहे आओ बैठो
खेलो धूप कुमारी
कुछ दिन में भागेंगे जैसे
सूरत दिखे तुम्हारी

अच्छा ख़ासा नर्म गुलाबी
मौसम मैं लाई थी
लोगों के सौ ताने सुनकर
मैं तो चकराई थी

जाते हुए भयंकर ठंडक
मैंने भी फैलाई
थर थर कांप रहे हैं सारे
ओढ़े कई रजाई

धूप बहन सब अभी तुम्हारे
साथ करें याराना
याद रखो लेकिन तुमको
पड़ जाएगा पछताना

मैं तो चली बहन छुट्टी पर
इनको तुम्ही सँभालो
मुझे भगाया इन लोगों ने
तुम भी इन्हें उबालो.

Dhoop Behan Tum Aao


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