Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दीवाली उपहार

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08 -Nov-2018 nil Diwali Poem 0 Comments  305 Views
दीवाली उपहार

ज़गर मगर हों दीप घर आँगन में हो रही /कानाफूंसी बात हार- खेत बाज़ार में /खुशियों की सौगात साफ़ सफाई का छिड़ा/घर - आँगन अभियान कूड़ा करकट गंदगी ,सोये जा श्मशान अधर अधर पर नाचता /सबके एक सवाल राजनीति में मच रहा /चारों ओर बबाल

मिट्टी के दियों से साहब दिवाली मनाना.....!!!

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06 -Nov-2018 pravin tiwari Diwali Poem 0 Comments  230 Views
मिट्टी के दियों से साहब दिवाली मनाना.....!!!

मिट्टी. के दीयों से साहब दिवाली मनाओ, अपनी संस्कृति को आप मत भूल जाओ... पलते हैं कई परिवार इन्हीं त्योहारों से, थोड़ा गौर आप इधर भी तो फरमाओ... माना पसंद आती है आपको विदेशी चीजें, पर जिस देश में रहते हो उसे ना भूल जाओ... ब

ऐसा दिपावली का त्योहार होगा.....!!!

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06 -Nov-2018 pravin tiwari Diwali Poem 0 Comments  240 Views
ऐसा दिपावली का त्योहार होगा.....!!!

आज दियों से रौशन ये जहांन होगा...! खुशियों से रंगा पूरा आसमान होगा...! देखेंगे फलक से चांद सितारें जमी पर, आज खशी में झूमता हर इंसान होगा...! महकेगा घर-आंगन फूलों की महक से, दिपक से जगमगाता हर द्वार होगा...! न आॅफिस की चिंता

दिवाली....

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06 -Nov-2018 Saroj Diwali Poem 0 Comments  290 Views
दिवाली....

इस दिवाली पे भी माँ मैं घर न आ पाऊंगी, और तेरे संग ना दिवाली की दिप जला पाऊंगी, जानती हूं तुम भी बहुत याद कर रही होगी मुझे, जब तुम घर की सफाई अकेले कर रही होगी, जब तुम घर की सजावट अकेले कर रही होगी, जब सब लोग होंगे तेरे आ

एक दीया हुँ मैं...।

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05 -Nov-2018 Sandeep Wadekar Diwali Poem 0 Comments  200 Views
एक दीया हुँ मैं...।

एक दीया हुँ मैं...। स्वयं अंधेरे में रहकर, अंधकार दूर करता हुँ मैं, जलता ही रहता हुँ, क्योंकि एक दीया हुँ मैं। कभी सिर्फ मिट्टी का होता था, अब धातु का भी होता हुँ, मुझे इस बाहरी काया से क्या करना है, मेरा कार्य तो जग में

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