Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

जलता जाए दीप हमारा।

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12 -Nov-2020 Anil Mishra Prahari Diwali Poem 0 Comments  185 Views
जलता जाए दीप हमारा।

जलता जाए दीप हमारा। मिट्टी के दीपों में भरकर तेल - तरल और बाती, तिमिर-तोम को दूर भगाने को लौ हो लहराती। मिट जाए भू का अँधियारा जलता जाए दीप हमारा। हो आँधी, तूफान मगर यह दीप न बुझने पाये, दीपक की लघु जल-जल बाती युग - युग

Ek Din...

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27 -Oct-2019 Writer Harsh Diwali Poem 0 Comments  828 Views
Ek Din...

नमस्कार दोस्तों :- कहानी एक दिन की महज कोई कविता नही है , यह अभिव्यक्ति है दीपावली की, उससे जिस उल्लास उमंग से लोग भारत के बाहर मानते , हैं पटाखे तो नही होते किन्तु जो जिस उम्मनग और उल्लास से इसी भारत से बाहर मनाया जा

रौशनी का त्यौहार

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25 -Oct-2019 Mamta Rani Diwali Poem 0 Comments  371 Views
रौशनी का त्यौहार

दीवाली के त्योहार में घर को दिए से रौशन बनाओ आपस में प्यार और दिल में प्यार का दीप जलाओ आपस में मिलजुलकर त्यौहार का आनंद उठाएं अपने मन को साफ करके और भी सुंदर बनाओ बड़ा ही पावन और पवित्र दीवाली का त्यौहार है असत्य प

दिवाली का त्यौहार

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25 -Oct-2019 Mamta Rani Diwali Poem 0 Comments  399 Views
दिवाली का त्यौहार

दीवाली के त्योहार में घर को दिए से रौशन बनाओ आपस में प्यार और दिल में प्यार का दीप जलाओ आपस में मिलजुलकर त्यौहार का आनंद उठाएं अपने मन को साफ करके और भी सुंदर बनाओ बड़ा ही पावन और पवित्र दीवाली का त्यौहार है असत्य प

दीवाली उपहार

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08 -Nov-2018 nil Diwali Poem 0 Comments  665 Views
दीवाली उपहार

ज़गर मगर हों दीप घर आँगन में हो रही /कानाफूंसी बात हार- खेत बाज़ार में /खुशियों की सौगात साफ़ सफाई का छिड़ा/घर - आँगन अभियान कूड़ा करकट गंदगी ,सोये जा श्मशान अधर अधर पर नाचता /सबके एक सवाल राजनीति में मच रहा /चारों ओर बबाल

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