Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

ऐसा दिपावली का त्योहार होगा.....!!!

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06 -Nov-2018 pravin tiwari Diwali Poem 0 Comments  448 Views
ऐसा दिपावली का त्योहार होगा.....!!!

आज दियों से रौशन ये जहांन होगा...! खुशियों से रंगा पूरा आसमान होगा...! देखेंगे फलक से चांद सितारें जमी पर, आज खशी में झूमता हर इंसान होगा...! महकेगा घर-आंगन फूलों की महक से, दिपक से जगमगाता हर द्वार होगा...! न आॅफिस की चिंता

दिवाली....

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06 -Nov-2018 Saroj Diwali Poem 0 Comments  517 Views
दिवाली....

इस दिवाली पे भी माँ मैं घर न आ पाऊंगी, और तेरे संग ना दिवाली की दिप जला पाऊंगी, जानती हूं तुम भी बहुत याद कर रही होगी मुझे, जब तुम घर की सफाई अकेले कर रही होगी, जब तुम घर की सजावट अकेले कर रही होगी, जब सब लोग होंगे तेरे आ

एक दीया हुँ मैं...।

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05 -Nov-2018 Sandeep Wadekar Diwali Poem 0 Comments  486 Views
एक दीया हुँ मैं...।

एक दीया हुँ मैं...। स्वयं अंधेरे में रहकर, अंधकार दूर करता हुँ मैं, जलता ही रहता हुँ, क्योंकि एक दीया हुँ मैं। कभी सिर्फ मिट्टी का होता था, अब धातु का भी होता हुँ, मुझे इस बाहरी काया से क्या करना है, मेरा कार्य तो जग में

क्यो मनाये दीपो का त्यौहार दिवाली

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04 -Nov-2018 Naren Kaushik Diwali Poem 0 Comments  331 Views
क्यो मनाये दीपो का त्यौहार दिवाली

आओ बताऊं क्यों मनाते दीवाली खुशियों का क्यो त्यौहार दिवाली। जीवन ज्योती बुझ रही थी, मानवता भी मिट रही थी, ऐसी विकट घड़ी आई थी। राम रुप में भगवान आए, खुशियों के दीप जलाएं, मानवता के जो थे विनाशक, उन सबके संहारक कहला

दियों से रोशन होती दिवाली.....!!!

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03 -Nov-2018 pravin tiwari Diwali Poem 0 Comments  816 Views
दियों से रोशन होती दिवाली.....!!!

दियों से रोशन होती दिवाली..... खुशियों का पर्व कहलाती दिवाली..... रिश्तों में प्रेम की मिठास लिए, अपनों को करीब ले आती दिवाली..... घर आंगन सजने लगते हैं... दरों दीवार भी रंगने लगती है... छोटी छोटी लडीयों से, रात जगमगाने लगती

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