Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दूर है दूर रही बस मुझसे, पास वो मेरे आ ना सकी थी..

0
02 -Jul-2017 KP Love Poem 0 Comments  899 Views
KP

दूर है दूर रही बस मुझसे, पास वो मेरे आ ना सकी थी |
लेकिन उसको चाह थी मेरी, वो ये भेद मुझसे छुपा ना सकी थी ||
.
अब वो कहाँ और कैसी है, ये तो कोई बता ना सके गा |
पर कोई भी उसकी तस्वीर को, मेरे दिल से मिटा ना सके गा ||
.
अक्सर वो ख़्वाबों में मेरे दुल्हन बन कर पास चली आती है |
मैं उसको ताकता रहता हूँ और वो पगली बस रोती जाती है ||
.
महसूस होता है जैसे मानो बहुत कुछ कहना हो उसको मुझसे |
पर कुछ तो मजबूरी है उसकी जिस वजह से वो आज भी कुछ कह ना पाती है ||

#KP❣️वाला !!



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017