Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दोस्ती की याद।

0
09 -Jan-2021 Harpreet Ambalvee Friendship Poems 0 Comments  137 Views
दोस्ती की याद।

इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है,
अमबालवी ने आज अपने कोई काम किया है,

पूरी शोहरत से गुजरे आखिरी सफर बहीशती की तरफ,
कई कंधो का खुद के लिए इंतज़ाम किया है,
इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है।

ता उम्र रही जिंदगी मेरी बंजारों के जैसी,
खुद से अनजान रहा, ये रवायतें थी कैसी,

अब जाकर बहिशती में ठहरने का इंतजाम किया है,
इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है।

ना समझा किसी ने, ना समझा ही पाया किसी को,
खुद से ही महरूम, मैं बताता भी क्या, किसी को,
अपने जख्मों पर मरहम लगाने का, इंतजाम किया है,
इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है।

ना किसी से कोई गिला रहा,
ना किसी से कोई शिकवा रहा,
सब की सुनता रहा, दिल को सींचता रहा,

मैंने खुद को रुला कर,
दूसरों को हंसाने का शुरू काम किया है,
इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है।

बेपरवाह समझते थे जो मुझे,
मैंने उनकी परवाह की,
खुद बर्बाद होकर जिंदगी उनकी आबाद की,

ज़हर का घूंट पीकर चश्मे तर दूसरों के नाम किया है,
इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है,।

अब ना कोई ख्वाहिश जिंदगी और ज़हन में रही,
जो दिया उस खुदा ने बस उसी को मानता हूँ सही,

मैंने मौत को आज 'ज़िन्दगी' एक नया नाम दिया है,
इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है।

चलता हूं दोस्तों, अब वक्त हो गया है,
अमबालवी की सांसो पर पहरा सख्त हो गया है,

हर उस वक्त का शुक्र गुज़ार हूँ ऐ ज़िदंगी तेरा,
वक्त मैनै जो दोस्तों के साथ जीया हैं,
इतनी मुद्दतो के बाद दोस्तों को याद किया है।

दोस्ती की याद।


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017