Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

लक्ष्य मंजिल

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09 -Oct-2021 Kumar Ashish Dream Poems 0 Comments  29 Views
लक्ष्य मंजिल

मंजिल तुम्हें गर जो पानी हो करो निर्धारित लक्ष्य को तुम दृष्टि गड़ा दो लक्ष्य पे ज्योंही कर निश्चय पग बढ़ा दो तुम फूलों के संग में ही कांटे होते कांटो संग में ही ख़ुशबू होती पास ख़ुशबू तक गर जाना हैं तो कांटो पर चल जान

सपनों का भारत

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07 -Sep-2021 Yuva Dream Poems 0 Comments  141 Views
सपनों का भारत

गीत नया फिर कोई गाऊंगा स्वर आशाओं के नए सजाऊँगा। अभी देख रहा हूँ दुर्दिन दैन्यता के स्वप्न नूतन फिर कोई लाऊँगा गीत नया फिर कोई गाऊंगा। अभी द्वंद है धर्मयुद्ध का, अभी द्वंद है प्रत्यारोपों का। अभी द्वंद है भाव-वि

काश मेरा बचपन वापस आ जाए

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काश मेरा बचपन वापस आ जाए

काश मेरा बचपन वापस आ जाए मैं फिर से इतराऊँ कभी हँसु कभी नाराज़ हो जाऊँ सभी ऋतुओं का मजा लूँ मैं सभी ऋतुओं में मुस्कुराऊँ। जब आए ग्रीष्म की ऋतु भरी दोपहरी में तालाब में नहाने जाऊँ साथ – साथ दादा जी की डाँट भी खाऊं।

काश् कि..

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08 -Apr-2021 LR Araman Dream Poems 0 Comments  342 Views
काश् कि..

काश् कि ... ये सड़क...... ये लड़की..... कल अखबार की , सुर्खियां न बनें ..........। - एलआर अरमान

ATMBAL

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10 -Mar-2021 DIPAK KUMAR Dream Poems 0 Comments  516 Views
ATMBAL

बात नहीं अब रण होगा व्यर्थ नही एक छन होगा बहुत हो चुकी बात कुटिल से अब जीवन या तो मरण होगा बात नहीं अब -------- एक तरफ है सत्य अकेला दूजी ओर सत्रु सेना पीछे क़दम नहीं होंगे चाहे पड़े बली देना सखनाद हो चूका है रण का केवल रण क

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