Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अभी तो पूरा काम बाकी है

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06 -Dec-2019 Satyam Devu Dream Poems 0 Comments  765 Views
अभी तो पूरा काम बाकी है

-:अभी तो पूरा काम बाकी है:- आँखे बंद सी होने लगी है, अभी तो आधी रात बाकी है, सोऊँ कैसे? अभी तो पूरा काम बाकी है। दिल तो कर रहा है नाचने को, मगर नाचूं कैसे? अभी तो पूरा इम्तिहान बाकी है। समय भी परीक्षा ले रहा है, समय भी परीक

दिल का मौसम कब बदलेगा

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07 -Jul-2019 Mukesh Kamti Dream Poems 0 Comments  568 Views
दिल का मौसम कब बदलेगा

दिल का मौसम कब बदलेगा ? पतझड़ के मौसम में, सावन का फूल जब खिलेगा । भबरो की गुन गुनाहट से, मन का आंगन जब झूमेगा । दिल का मौसम तब बदलेगा ।

बिना मात्रा की कविता / Bina Maatra Ki Kavita

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20 -Mar-2019 mannu bhai Dream Poems 0 Comments  1,758 Views
बिना मात्रा की कविता / Bina Maatra Ki Kavita

बहुत सुन्दर सर मैने भी प्रयास किया बिना मात्रा की कविता का *बिना मात्रा की कविता* नर ह रह नर बन कर, थन रख हरदम तन कर। मन पर वजन कम कर, पर दरद पर नयन नम कर। हर तरफ ह नफरत जहर,जमघट सम ह यह शहर। रण पर बरस जम कर, न पद रख पथ पर थम

कविता कैसे बने

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14 -Mar-2019 mannu bhai Dream Poems 0 Comments  337 Views
कविता कैसे बने

. *कविता कैसे बने* पुष्पोंं को संग सटीक पिरोकर, पुष्पमाल बन जाये। तारों को भी सटीक बुनकर, मत्सजाल बन जाये। सुरों को कुछ सटीक प्रयोग कर, सुर साज बन जाये। कंकर पे कंकर सटीक लगा कर, गिरीराज बन जाये। बूंद से बूंद सटीक मि

नफरत पे मुहब्बत भारी है

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13 -Mar-2019 mannu bhai Dream Poems 0 Comments  511 Views
नफरत पे मुहब्बत भारी है

*नफरत पे मुहब्बत भारी है* तेरी उल्फत के साये में, ना जाने कब उम्र बीत गई। हम प्रेम सागर में डूबे रहे, नफरत तुम्हारी जीत गई। खंजर उतारा सीने मे, तेरी रुसवाई का भान हुआ। रक्त तो निकला सीने से पर, इश्क लहुलुहान हुआ। तेर

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