Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मन की छटपटाहट

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12 -Jan-2022 Parmanand kumar Dream Poems 0 Comments  203 Views
मन की छटपटाहट

मन की छटपटाहट ================= आगे बढ़ने की चाह में कई मील पीछे हो चला हूँ जिन्दगी में देखे थे जो ख़्वाब बुलंदी पर जाने को हक़ीकत में एक एक कर टूटते चला जा रहा है.. मुझ पर कुटिल व्यंग्य मुस्कान करते हुए... आज सहने पड़ते हैं तान

खुदगर्ज़ी

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10 -Jan-2022 zehra Dream Poems 0 Comments  245 Views
खुदगर्ज़ी

बस कर खुद को झूठी तसल्ली देना, याद याद बस याद करती है, उसके एहसासो को महसूस करती है, किस को दिखाना चाहती है सब ठीक है, ये तो तु भी जानती है वो कितना खुश है, पर दिल नही मानता ये बात अलग है, छोड़ दे दुसरो को खुश करना, बस अपन

लक्ष्य मंजिल

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09 -Oct-2021 Kumar Ashish Dream Poems 0 Comments  159 Views
लक्ष्य मंजिल

मंजिल तुम्हें गर जो पानी हो करो निर्धारित लक्ष्य को तुम दृष्टि गड़ा दो लक्ष्य पे ज्योंही कर निश्चय पग बढ़ा दो तुम फूलों के संग में ही कांटे होते कांटो संग में ही ख़ुशबू होती पास ख़ुशबू तक गर जाना हैं तो कांटो पर चल जान

सपनों का भारत

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07 -Sep-2021 Yuva Dream Poems 0 Comments  339 Views
सपनों का भारत

गीत नया फिर कोई गाऊंगा स्वर आशाओं के नए सजाऊँगा। अभी देख रहा हूँ दुर्दिन दैन्यता के स्वप्न नूतन फिर कोई लाऊँगा गीत नया फिर कोई गाऊंगा। अभी द्वंद है धर्मयुद्ध का, अभी द्वंद है प्रत्यारोपों का। अभी द्वंद है भाव-वि

काश मेरा बचपन वापस आ जाए

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29 -Jul-2021 राकेश कुमार राठौर Dream Poems 0 Comments  246 Views
काश मेरा बचपन वापस आ जाए

काश मेरा बचपन वापस आ जाए मैं फिर से इतराऊँ कभी हँसु कभी नाराज़ हो जाऊँ सभी ऋतुओं का मजा लूँ मैं सभी ऋतुओं में मुस्कुराऊँ। जब आए ग्रीष्म की ऋतु भरी दोपहरी में तालाब में नहाने जाऊँ साथ – साथ दादा जी की डाँट भी खाऊं।

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