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Sapna

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28 -Apr-2015 Subhash Gupta Dream Poems 0 Comments  3,221 Views
Subhash Gupta

गया सबेरा आई रात,
सोने के बाद की बात,
रात को आया सपना एक,
सपने में थे तारे अनेक,
तारों का था नगर सुहाना,
वहां के राजा चंदा मामा,
चंदा मामा मुझसे बोले,
आसमान की सैर कर आओं,
सभी तरह के पकवान यहाँ है,
जितनी मर्जी उतना खाओ,
वहां था सोने का सिंहासन,
और थी चाँदी की थाली,
एक एक करके मैंने,
बहुत सारी मिठाई खा ली,
घूम घूम कर थक गया,
और मैं वही सो गया,
नींद खुली तो बिस्तर पर था,
और आ गई एक नयी सुबह।



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