Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दशहरा / Dussehra

0
21 -Oct-2017 Anju Goyal Dussehra Poems 0 Comments  990 Views
Anju Goyal

साहित्य संगम संस्थान और संगम सुवास नारी मंच का हार्दिक आभार । मेरी रचनाओं को पसंद करने के लिए हृदयतल से हार्दिक आभार । मेरी गुरु आदरणीया छाया दीदी का भी बहुत बहुत धन्यवाद ।
मैं शब्दों में छाया दीदी का धन्यवाद व्यक्त करने में समर्थ नहीं हूँ । दीदी की प्रतिभा ,ज्ञान, सहृदयता के आगे अनुजा
***********
दशहरा
-----------------------
वर्तमान परिवेश में

आज कलयुग की रामायण में
न प्रभु राम रहे न सीता भये
न कोई आदर्श शुद्ध विचार रहे
कथनी और करनी में भेद भये ।

क्या होगा एक पुतला जलाने से
जब घट घट में बुराई का वास रहे।
आज कैसे मनाऊँ सखी दशहरा
जब बुराइयो का संहार न होये।

असत्य पे सत्य की जीत फहराये
दशहरे की प्रथा का प्रारंभ हुआ
दशमी पे रावण का नाश होके
अच्छाई की जीत का आगाज हुआ ।

चली आ रही दशहरे की परंपरा
रावण के पुतले को जलाने की
पर क्या जलाया हमने घट घट में
फिर कैसे पर्व का अर्थ पूर्ण होये ।

अंजू गोयल



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017