दशहरा / Dussehra

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21 -Oct-2017 Anju Goyal Dussehra Poems 0 Comments  20 Views
दशहरा / Dussehra

साहित्य संगम संस्थान और संगम सुवास नारी मंच का हार्दिक आभार । मेरी रचनाओं को पसंद करने के लिए हृदयतल से हार्दिक आभार । मेरी गुरु आदरणीया छाया दीदी का भी बहुत बहुत धन्यवाद । मैं शब्दों में छाया दीदी का धन्यवाद व्

मैं रावण....

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मैं रावण....

मैं रावण..।।। हाँ मैं रावण मैं लंकेश मैं दशानन चाहे जो कह लो आज फिर तुम मुझे जलाओगे पल भर की खुशियाँ घर आंगन में मनाओगे मगर क्या तुम्हारे ऐसा करने से मैं मर जाता हूँ शायद नहीं क्योंकि ऐसा कोई मानव नहीं जिसमें मैं म

Itane Ravan Jala Chuke Hain

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29 -Sep-2017 Bas Deo Sharma Dussehra Poems 0 Comments  83 Views
Itane Ravan Jala Chuke Hain




रावण

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25 -Sep-2017 Suresh Chandra Sarwahara Dussehra Poems 0 Comments  552 Views
रावण

रावण _______ रावण शिव का परम भक्त था बहुत बड़ा था ज्ञानी, दस सिर बीस भुजाओं वाला था राजा अभिमानी। नहीं किसी की वह सुनता था करता था मनमानी, औरों को पीड़ा देने की आदत रही पुरानी। एक बार धारण कर उसने तन पर साधु - निशानी, छल स

दुर्गा पूजा का त्यौहार

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27 -Sep-2016 Mamta Rani Dussehra Poems 0 Comments  798 Views
दुर्गा पूजा का त्यौहार

दुर्गा पूजा का त्यौहार लाता हमारे घर में, खुशियां अपार। चारों और खुशियां , होती बेशूमार। दुर्गा माता के आने से, भक्तिमय माहौल हो जाता है। माँ खुशियां लेकर आती है, और दुखों को हर ले जाती है। दुर्गा पूजा का त्यौहार ,

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