Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मैं रावण....

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मैं रावण....

मैं रावण..।।। हाँ मैं रावण मैं लंकेश मैं दशानन चाहे जो कह लो आज फिर तुम मुझे जलाओगे पल भर की खुशियाँ घर आंगन में मनाओगे मगर क्या तुम्हारे ऐसा करने से मैं मर जाता हूँ शायद नहीं क्योंकि ऐसा कोई मानव नहीं जिसमें मैं म

Itane Ravan Jala Chuke Hain

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29 -Sep-2017 Bas Deo Sharma Dussehra Poems 0 Comments  773 Views
Itane Ravan Jala Chuke Hain

इतने रावण जला चुके हैं , एक और जल जायेगा, लेकिन क्या रावण से ,अपना पीछा छुट जायेगा। क्या सच में हम दिल से ,रावण का नाश चाहते हैं? हर वर्ष जलाने से पुतले,मन का रावण मर जायेगा? हम आदी हैं नाटक के, नित नाटक करते रहते हैं, सब

रावण

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25 -Sep-2017 Suresh Chandra Sarwahara Dussehra Poems 0 Comments  2,210 Views
रावण

रावण _______ रावण शिव का परम भक्त था बहुत बड़ा था ज्ञानी, दस सिर बीस भुजाओं वाला था राजा अभिमानी। नहीं किसी की वह सुनता था करता था मनमानी, औरों को पीड़ा देने की आदत रही पुरानी। एक बार धारण कर उसने तन पर साधु - निशानी, छल स

दुर्गा पूजा का त्यौहार

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27 -Sep-2016 Mamta Rani Dussehra Poems 0 Comments  3,049 Views
दुर्गा पूजा का त्यौहार

दुर्गा पूजा का त्यौहार लाता हमारे घर में, खुशियां अपार। चारों और खुशियां , होती बेशूमार। दुर्गा माता के आने से, भक्तिमय माहौल हो जाता है। माँ खुशियां लेकर आती है, और दुखों को हर ले जाती है। दुर्गा पूजा का त्यौहार ,

Mann Ravan

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22 -Oct-2015 Dr. Purnima Rai Dussehra Poems 1 Comments  2,666 Views
Mann Ravan

भीतर के रावण को जो,आग खुद लगायेंगे । सही मायनों में वे ही ,दशहरा मनायेंगे।। छिप कर बैठा ये दानव ,आज हर एक दिल में भड़काता वैर की आग, हँसते-खेलते घरों में, कलुषित मनोवासना को ,जो सदा मिटायेंगे। सही मायनों में वे ही ,दशह

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