Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

ए बदरी

0
30 -May-2022 Dhirendra Panchal Environment Poems 0 Comments  58 Views
ए बदरी

सुखि गइलें पोखरा आ जर गइलें टपरी , ए बदरी ।
कउना बात पे कोहाइ गइलू ए बदरी ।
देखा पेड़वा झुराई गइलें ए बदरी ।

बनरा के पेट पीठ एक भइलें घानी ।
कहा काहें होत बाटे राम मनमानी ।
गोरुअन के बेटवा क पेटवा ह खपरी , ए बदरी ।
कउना बात पे कोहाइ गइलू ए बदरी ।
देखा पेड़वा झुराई गइलें ए बदरी ।

संझवा बिहनवा में कमवा न सपरी ।
होते दुपहरिया भुजाई जालीं मछरी ।
नदिया में अगिया लगाई देलु जबरी , ए बदरी ।
कउना बात पे कोहाइ गइलू ए बदरी ।
देखा पेड़वा झुराई गइलें ए बदरी ।

करकेला मनवा मसकी जाला देहियां ।
रोवलो न जाला की मसान भइल अंखिया ।
लोरवा बहाईं ना सहाई आंख कजरी , ए बदरी ।
कउना बात पे कोहाइ गइलू ए बदरी ।
देखा पेड़वा झुराई गइलें ए बदरी ।

सियरा हथिनिया आ बघवा के बात बा ।
तोहके बोलावे ला ई बनवा छोहात बा ।
मेघवा बोलावें त अमांय जालु गगरी , ए बदरी ।
कउना बात पे कोहाइ गइलू ए बदरी ।
देखा पेड़वा झुराई गइलें ए बदरी ।

बोला काहें भकुआय गइलू ए बदरी ।
देखा पेड़वा झुराई गइलें ए बदरी ।

✍️ धीरेन्द्र पांचाल
वाराणसी , उत्तर प्रदेश



 Please Login to rate it.


You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017