हाँ मैं किताब हूँ.....

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हाँ मैं किताब हूँ.....

हाँ मैं किताब हूँ.... हाँ मैं किताब हूँ.... किसी के लिए ज्ञान की ज्योति हूँ तो किसी के लिए शिक्षा का भंडार मैं किसी के अंतर्मन की आवाज हूँ तो किसी के मन के जूझते अनगिनत सवालों का जवाब किसी के मन की पीड़ा हूँ तो किसी के दि

ये ज्ञान

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17 -May-2017 Neha Sonali Agrawal Education Poem 0 Comments  498 Views
ये ज्ञान

आकाश सा है अनंत, सागर सा ये गहरा, सच्चे मन में निहित, ज्ञान का विशाल बसेरा. न कोई शुरुआत इसकी, न होता इसका अंत, सीमाओं का आधीन नहीं, ये है ज्ञान रूपी महंत. निरंतर चलता रहे ये, जैसे नदिया की धारा, किसी ने न देखा, इस ज्ञान क

शिक्षा के दो पहलु....

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29 -Mar-2017 Piyush Raj Education Poem 0 Comments  488 Views
शिक्षा के दो पहलु....

जब सरकार कहती है कि शिक्षा की व्यवस्था पूरी है तो फिर क्यों समाज में अमीरों -गरीबों के बीच दूरी है बड़े अफसर के बच्चे क्यों नही पढ़ते सरकारी स्कूलों में क्योकि वे जानते है आज भी शिक्षा व्यवस्था अधूरी है सिर्फ "मि

I am a book

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12 -Jan-2017 Education Poem 0 Comments  358 Views
I am a book

I am a book, made up of pages. I can be written, in many languages. I am dressed in coloured cover, My identity depends upon the author. I live in shops libraries and exhibitions, I am main source of information. I light the path of knowledge, for the students of school and college. If you keep me clean, I live for a long time. tearing my pages and writing on me, is a big crime.

Shiksha Ka Mahatv

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29 -Nov-2016 Piyush Raj Education Poem 0 Comments  856 Views
Shiksha Ka Mahatv

शिक्षा का महत्व आज के इस युग में जिसने ना की पढ़ाई उसके पूरे जीवन की बहुत कठिन है चढ़ाई बुद्धि के बल पर कमजोर भी जीत सकता है अपने दुश्मनों से लड़ाई जिसे जीवन में ना मिली शिक्षा वो मांगेगा दूसरों से भिक्षा जिसने पा ली

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