Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Shikshak divas

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03 -Sep-2012 sukarma Thareja Education Poem 0 Comments  6,601 Views
sukarma Thareja

हो सकता है, कोई भी शिक्षक,
माँ, पिता भाई बहन और मित्र,
सरल बनाता विद्यार्थी जीवन को शिक्षक,
जीवन की पूंजी विद्यार्थी में देखता शिक्षक,
जात - पात, अमीर-गरीब में भेद ना करे शिक्षक,
समाज की मूल ईकाई है शिक्षक,
जोड़ने की बात हमेशा करे शिक्षक,
राष्ट्र निर्माण में योगदान देता,
ज्ञान की खान, गुणवान है शिक्षक |

कक्षा में विद्यार्थी करें, उसका भेजा फ्राई,
सख्ती जब वह करे, तो पीठ पीछे,
करें उसकी ढेर सारी बुराई,
इन सबको अनसुना करे शिक्षक,
इन्सान को इन्सान बनाये शिक्षक |
अंगड़ाई ले रहा युग आजकल,
शिक्षा व पैसे घनिष्ट मित्र आजकल,
ट्यूशन मण्डी में विद्यार्थी का जाना,
मजबूरी और फैशन है आजकल,
अच्छी कोचिंग है, प्रीरिक्वजीट,
इंजीयरिंग, मेडिकल कालेज के दाखिले की,
इसीलिए कोचिंग के बिना, समझे;
विद्यार्थी अधूरा अपने को |
विद्यादान एक व्यापार हो गया है,
गरीब विद्यार्थी अच्छे शिक्षण
संस्थान में पढ़े, एक सपना हो गया है |

माना जीवन यापन के लिए
पैसा है जरुरी,
पर कौन-सी ऐसी मज़बूरी,
क्यों विद्या के महादान में
स्वच्छ तरीका अपनाने में
असमर्थ है, शिक्षक |
बच्चों के सपनो को साकार करे शिक्षक,
इसीलिए समाज उसे देता राष्ट्र निर्माता का पद,
शिक्षा में राजनीति नहीं जिसकी व्यवस्था,
इसीलिए वह है सदगुण सरीखा |

गंगा की तरह बहता है शिक्षक,
सभी का आदर्श होता है शिक्षक,
ऐसा चक्रव्यूह रचता है शिक्षक
कोई विद्यार्थी पीछे ना छूटता,
प्रत्येक विद्यार्थी विशिष्ट अभिन्न,
अंग बने भारत का,
ऐसी व्यवस्था करता है शिक्षक,
ऐसा वचन निभाता आगे बढ़ता है शिक्षक,
आज भी प्रत्यनशील - कर्मशील शिक्षक,
प्रयासों से जिनके आज हम यहाँ पर,
शिक्षक दिवस पर उन्हें शत - शत प्रणाम |

डा० सुकर्मा थरेजा
क्राइस्ट चर्च कालेज
कानपुर



Dedicated to
Dr SHARAD GUPTA

Dedication Summary
For all his sincerety and dedication to his dear students

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