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'एहसास'

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07 -Jul-2021 Dimpy Rat Love Poem 0 Comments  195 Views
'एहसास'

मन तले कभी अंधेरा हैं, कभी उजाला हैं...
गुज़रा हुआ हर पल यादगार, हर पल प्यारा हैं...
तुम्ही से हैं साँसो का आना जाना, क्या ज़रूरी हैं इसे भी समझाना, जताना...
तुम क्यों नहीं समझते इस दिल कि बेचैनी, हमारे प्यार की गहराई को
या समझोगे तब, जब देर हो जाएगी जुदाई को...
कैसे कह दूँ तुम मेरे लिए क्या हो,
न समझे हो अब, न जाने समझोगे कब !
मेरे मन में बसी तुम्हारी परछाई को...
प्यार ही हैं, हाँ प्यार ही तो हैं !
जिसे भुलाना चाहा पर भूला ना सकी...
अपने मन को मना ना सकी , भीड़ के बीच भी तन्हा अकेला हैं,
क्योंकि जो नहीं हैं उसके पास, उसका सवेरा हैं...
Written by
Dimpy Rathore



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