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एक और प्रार्थना

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14 -Mar-2020 Abbas Bohari Prayer Poem 0 Comments  244 Views
Abbas Bohari

हक़ीर कीड़ा तो बना बस बहाना
अफ़रातफ़री में यूँ घिरा ज़माना

सर पर पड़ी मुसिबतों से है जाना
ख़ालिक़ की हस्ती को सबने माना

तेरे आगे इंसान लगे कितना बौना
ढूंढ रहे ईलाज लुटाकर चांदी सोना

मालिक तेरे बन्दे गाए तेरा तराना
कर ले काबू तेरा सिपाही करोना

सीख रहे सारे प्यार के बीज बोना
अब्बास भी चाहे अब चैन से सोना



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