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एक बहन ऐसी हो जो

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07 -Aug-2017 Adityaraj Brother Sister Poems 1 Comments  2,723 Views
Adityaraj

एक बहन ऐसी हो जो,
केवल मुझपर मरती हो।

रात गवाएं जगकर फिर भी,
दिन भर बक - बक करती हो।

नकचिपटी, कनटेढ़ी , जिद्दी या फिर,
मुझसे रूठा करती हो।

आसान नहीं उसको समझाना ,
जो बात बात में झगड़ती हो।

उसे दुलारूं, पुचकारूं तब जाकर,
मुझसे बात वो करती हो।

गुस्सा होऊं मै फिर भी जो,
डोम , छछूंदर कहती हो।

चिंता , पीड़ा, थकान, दर्द सब,
देख जिसे छूमंतर हो जाती हो।

ऐसी हो मेरी बहना जो,
मुझसे और केवल मुझसे प्यार वो करती हो।।



Dedicated to
सिद्धिकाराज

Dedication Summary
ये तुमको समर्पित है छोटी!

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1 More responses

  • poemocean logo
    Mamta Bhardwaj "madhu" (Guest)
    Commented on 09-March-2018

    Nice poem God bless u both Brother n sister..

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