Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Manaya jata prithvi divas

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22 -Apr-2019 Harjeet Nishad Environment Poems 0 Comments  173 Views
Manaya jata prithvi divas

Kabhi aag ka gola thi apani dharati. Rahane layak nahin thi ye apani dharati. Varsh karodon beet gaye ab thandi hoker, Jeev vanaspati vali ban pai apai dharati. Bais April ko manaya jata prithvi divas . Paryavaran suraksha ka hai ye khas divas. Global warming door karen aao milker, Swachchh urja hi ab se prayog karen bas. Shuddha vayu ho dhwani ka ho door pradushan. Sunder rakkhen desh gaon apana gher angan. Prithvi hogi tab dharati per jeevan hoga, Dhara ki raksha men tan man dhan kar den arpan.

अहीर छंद "प्रदूषण"

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06 -Apr-2019 Naman Environment Poems 0 Comments  98 Views
अहीर छंद

अहीर छंद "प्रदूषण" बढ़ा प्रदूषण जोर। इसका कहीं न छोर।। संकट ये अति घोर। मचा चतुर्दिक शोर।। यह दावानल आग। हम सब पर यह दाग।। जाओ मानव जाग। छोड़ो भागमभाग।। मनुज दनुज सम होय। मर्यादा वह खोय।। स्वारथ का बन भृत्य। करे अस

जहा भरे ऊर्जा भण्डार

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10 -Feb-2019 DINESH CHANDRA SHARMA Environment Poems 0 Comments  194 Views
जहा भरे ऊर्जा भण्डार

जहां भरे ऊर्जा भण्डार ऊर्जा से ही चलें मशीनें , ऊर्जा से ही ये संसार | प्रगति पथ पर वही देश हैं , जहां भरे ऊर्जा भण्डार || कृषि उद्योग स्वास्थ्य और शिक्षा , सभी क्षेत्र में आगे बद्गते | आर्थिक सामाजिक स्थिति को , वही दे

प्लास्टिक हटाओ

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15 -Jan-2019 Abbas Bohari Environment Poems 0 Comments  296 Views
प्लास्टिक हटाओ

आओ मिलकर लगाए नारा करे साफ़ सड़क का किनारा प्लास्टिक के उत्पाद पर लगाए बंदी पर्यावरण को करती अनंत काल गंदी प्लास्टिक की मिटा दो झुठी शान न रहे बाकी दुनिया मे कोई निशान प्लास्टिक घुलता नही मिट्टीमें अनंत इसके पूर्

आओ सुन लो अजब कहानी

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07 -Jan-2019 nil Environment Poems 0 Comments  342 Views
आओ सुन लो अजब कहानी

सरिताओं की गायब कल कल तन मन छीज रहा है पल पल नावें खड़ी हुईं हैं तट पर तन मन छीज रहा है प्रतिपल याद आ रही सबको नानी ... धरा गगन की बदली भाषा मौसम की गड़बड़ परिभाषा वन उपवन सब ताल तलैया डगमग डगमग सबकी नैया गूंजे घोर प्रदूष

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