Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मुसीबत

0
19 -May-2020 Mamta Rani Environment Poems 0 Comments  82 Views
मुसीबत

मुसीबत से मुक्ति नहीं है मिल रही, चारों और से विपदा से जानें घिर रही। एक तरफ आयी है कोरोना महामारी , जो हम सब पे पड़ गयी है बहुत ही भारी। कितने लोग हो रहे संक्रमित कितनी की जानें गयी, आर्थिक व्यवस्था हो गयी कमजोर जब स

मुसीबत से मुक्ति

0
19 -May-2020 Mamta Rani Environment Poems 0 Comments  155 Views
मुसीबत से मुक्ति

मुसीबत से मुक्ति नहीं है मिल रही, चारों और से विपदा से जानें घिर रही। एक तरफ आयी है कोरोना महामारी , जो हम सब पे पड़ गयी है बहुत ही भारी। कितने लोग हो रहे संक्रमित कितनी की जानें गयी, आर्थिक व्यवस्था हो गयी कमजोर जब स

प्रकृति की प्रवृत्ति

0
17 -May-2020 Mamta Rani Environment Poems 0 Comments  174 Views
प्रकृति की प्रवृत्ति

प्रकृति की प्रवृत्ति है निरंतर बढ़ते रहना धरा पे हो अनुचित प्रवृत्ति सब सहते रहना सब बच्चों को प्यार स्नेह वो देती है सबका बोझ उठाती है माता वो कहलाती है करती नहीं है वो किसी में भेदभाव सबको एकसमान हवा देना है स्व

Corona

0
15 -Apr-2020 Arifa Qureshi Environment Poems 0 Comments  239 Views
Corona

नाच रही है मौत सामने, मचा है सारे जग में शोर | कोरोना से लडती दुनिया, देख रही भारत की ओर || सारे जग को उम्मीदें हैं, भारत इससे जीतेगा | रणनीति अपनाएगा जब, शत्रु घुटने टेकेगा | दुहरा है दायित्व हमारा, सबकी जान बचाना है | खर

नई उमंगे

0
12 -Apr-2020 Renu Kapoor Environment Poems 0 Comments  179 Views
नई उमंगे

प्रकृति ने ली फ़िर से अंगडाई, धरती पर बहार लौट आई। हवाओं में अमृत घुल गया, मीठी -सी बौछार से विष धुल गया। नदियों को नया है जीवन मिला, सागर का भी मन फिर से खिला। पक्षी सुरीली-सी धुन में गाने लगें, पशु सड़कों पर बेखौफ़ न

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017