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Suraj

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25 -Mar-2015 prabhakar sharma Environment Poems 0 Comments  1,052 Views
prabhakar sharma

जिसके आने से दिन निकलता है,
और जाते ही रात होती है
हम नहीं, दुनिया नहीं,
सारी क़ायनात चलती है.
लोग इसे सूरज,
तो कोई आफ़्ताव कहते हैं.
रोशन करता है ये सारा जहाँ,
बिन इसके ,
हम कहाँ,तुन कहाँ.
हमारा प्रयास है
आपका विकास.
अँधेरे से उजाला हो,
यही है हमारी आस.
हर घर रोशन हो,
ये सपना है हमारा,
आपकी खुशहाली ही
लक्ष्य है हमारा.

Suraj


Dedicated to
सौर ऊर्जा

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