Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मध्यवर्गीय परिवार

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28 -May-2020 Piyush Raj Family Poems 0 Comments  194 Views
मध्यवर्गीय परिवार

मध्यवर्गीय परिवार अमीर ,बचत की कमाई खा रहा गरीबों को खिला रही सरकार इस लॉक डाउन की चक्की में पिस रहा मध्यवर्गीय परिवार। काम धंधे चौपट हो गए बचत भी हो गयी अब खत्म पूंजी भी अब जा रही है सरकार , कुछ तो करो रहम। हालात ऐस

मैं अकेली

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17 -May-2020 Shivdas Bone Family Poems 0 Comments  37 Views
मैं अकेली

मैं अकेली मैं अकेली जिंदगी कैसे गुजरे सब हैं साथ मेरे तु कहा मैं अकेली डर लगता हैं अपने आपसे सब यादे साथ मेरे तु कहा मैं अकेली चांद तारे पुरा आकाश भरा सब बाते साथ मेरे तु कहा मैं अकेली दिन तो कट जाते हैं तेरे बिना र

घरौदा

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03 -Apr-2020 Renu Kapoor Family Poems 0 Comments  132 Views
घरौदा

मेरा घरौदा मेरा संसार है, सपनों की छत खुशियों की दिवार है। घन्टे बजते हैं दरवजो पर, न्यौता देतीं किलकार है, मेरा घरौदा मेरा संसार है ।। मीठी-मीठी धूप है, मीठी-मीठी चाँदनी, मीठे-मीठे सपनों की बुनती हूँ मैं रागनी। सा

मेरे पयारे चाचा

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24 -Dec-2019 MANOJ POOSAM Family Poems 0 Comments  627 Views
मेरे पयारे चाचा

मेरे पयारे चाचा मेरे अचछे चाचा | हम सभी के दुलारे चाचा मितर वत भाव मिलन सार चाचा | सभी का खयाल रखतें मेरे पयारे चाचा | भेद भाव सें दूर मेरे पयारे चाचा मिलन सार ,मेरे अचछे चाचा | आप जीवो हजारो साल मेरे पयारे चाचा | आपका ज

चिठ्ठीओं के दौर में.......

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28 -Nov-2019 pravin tiwari Family Poems 0 Comments  332 Views
चिठ्ठीओं के दौर में.......

चिठ्ठीओं के दौर में, रिश्तों की एहमियत होती थी..... दूर रहकर भी वो, अपनों को करीब ले आती थी..... कब आओगे घर आप, अक्सर यही बातें होती थीं..... हाल खबर पुछते ही, हमारी आंखें भर आती है..... कागज और कलम से, दिल की हर बात बयां होती थी.....

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