Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Mother and father

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10 -Feb-2019 charaag Family Poems 0 Comments  85 Views
Mother and father

ग़ज़ल ...♪ अपने माता -पिता के सहारे हैं हम , उनके दरिया के बहते किनारे हैं हम । दिल को आयॆ तसल्ली उन्हें देख के , जिनकी हर इक खुशी के फ़ुहारे हैं हम। रात दिन का तराना ये उनसे ही है , चाँद- सूरज मिरे दो सितारे हैं हम । साथ उन

हर मां का यही अरमान है......!!!

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12 -Dec-2018 pravin tiwari Family Poems 0 Comments  420 Views
हर मां का यही अरमान है......!!!

गुज़र गया वो जमाना, जब सास बहू को सताया करती थी..... आज के दौर में तो, बहू ही सास को रूलाया करती है..... ना जाने कैसी बहू आएगी, इसी चिंता में हर सास रहा करती है..... जुदा ना कर दे कंही बेटे को, इस बात से आज हर मां डरती है..... ***** नव मह

Meri Dharm Patni

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11 -Dec-2018 Niose Group Family Poems 0 Comments  196 Views
Meri Dharm Patni

तू जीत है मेरे संशय की, तू पहलू है मेरे आशय की तुमको पाया है मैंने तू अस्तित्व है मेरे संचय की जग सूना तुझ बिन मन सुना तुम बिन तुमको न पाऊँ तो मचल जाता है मन मेरा मिलती नहीं शकुन तेरे बिन तू मेरे जीवन की पूरी गाथा है त

कड़वा सच

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08 -Dec-2018 Abbas Bohari Family Poems 0 Comments  152 Views
कड़वा सच

पिता करता जद्दोजहद माल जुट़ाने पर कर नही पाये इकठ्ठा ख़ज़ाने जरूरते पूरी करते छूट जाये पसीने करके सारे कर्तव्य पूरे जाए गंगा नहाने सोच रहा बच्चोंके राजमें गाये तराने अरसे से कहते आये बड़े बुजुर्ग सयाने औलाद को खि

जीवन शैली

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05 -Dec-2018 Abbas Bohari Family Poems 0 Comments  121 Views
जीवन शैली

सोच रहा जीवन शैली मेरी ऐसी बनाऊ माँ पुकार उठे मेरे लाल पर वारी जाऊ अनगिनत योद्धा नौजवान पाए अतीतमें गाये जाते इनके गीत किस्से कहानियोंमें कलम घिस घिसकर अब हाथ हुए सुन्न व्यायाम करु तो पीस जाऊ गेहु में घुन्न अद्

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