Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मेरे बच्चे बन गए हैं मेरी चट्टान।

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20 -Aug-2020 Dr. Swati Gupta Family Poems 0 Comments  48 Views
मेरे बच्चे बन गए हैं मेरी चट्टान।

मेरे बच्चे बन गए हैं मेरी चट्टान, मेरे सपनों को दे रहे नई उड़ान। कभी मैं गिरती कभी बिखरती, निराशा के फिर भँवर में फंसती, थक हारकर मायूस सी दिखती, बच्चे कहते,"माँ तुम न हो परेशान"। मेरे बच्चे बन गए हैं मेरी चट्टान, मेरे

वरदान हो तुम

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28 -Jul-2020 Smriti Mishra Family Poems 0 Comments  62 Views
वरदान हो तुम

सपनों में दिल की आवाज हो तुम, खुश हूं मैं जब तक मेरे साथ हो तुम, भीगी उन आंखों की लाज हो तुम, मेरे इस छोटे से संसार का साज हो तुम, पतझड़ में फूहर हो तुम, बारिश में बाहर हो तुम, मेरा सारा संसार हो तुम , सावन का वह फूल हो तुम,

मध्यवर्गीय परिवार

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28 -May-2020 Piyush Raj Family Poems 0 Comments  405 Views
मध्यवर्गीय परिवार

मध्यवर्गीय परिवार अमीर ,बचत की कमाई खा रहा गरीबों को खिला रही सरकार इस लॉक डाउन की चक्की में पिस रहा मध्यवर्गीय परिवार। काम धंधे चौपट हो गए बचत भी हो गयी अब खत्म पूंजी भी अब जा रही है सरकार , कुछ तो करो रहम। हालात ऐस

मैं अकेली

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17 -May-2020 Shivdas Bone Family Poems 0 Comments  103 Views
मैं अकेली

मैं अकेली मैं अकेली जिंदगी कैसे गुजरे सब हैं साथ मेरे तु कहा मैं अकेली डर लगता हैं अपने आपसे सब यादे साथ मेरे तु कहा मैं अकेली चांद तारे पुरा आकाश भरा सब बाते साथ मेरे तु कहा मैं अकेली दिन तो कट जाते हैं तेरे बिना र

घरौदा

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03 -Apr-2020 Renu Kapoor Family Poems 0 Comments  187 Views
घरौदा

मेरा घरौदा मेरा संसार है, सपनों की छत खुशियों की दिवार है। घन्टे बजते हैं दरवजो पर, न्यौता देतीं किलकार है, मेरा घरौदा मेरा संसार है ।। मीठी-मीठी धूप है, मीठी-मीठी चाँदनी, मीठे-मीठे सपनों की बुनती हूँ मैं रागनी। सा

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